लखनऊ-अयोध्या हाईवे के इन 7 खतरनाक चौराहों पर बनेंगे अंडरपास, सफेदाबाद में 76 करोड़ का फ्लाईओवर
लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। इस व्यस्त रूट पर लगातार हो रहे जानलेवा सड़क हादसों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक व्यापक सुरक्षा कार्ययोजना तैयार की है।
हाईवे के अत्यधिक संवेदनशील और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने के लिए 7 नए अंडरपास और एक आधुनिक फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। करीब 450 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और निर्माण एजेंसियां अगले महीने से धरातल पर काम शुरू करने जा रही हैं।
परियोजना के तहत बाराबंकी के सफेदाबाद (किमी 19.140) पर करीब 75.93 करोड़ रुपये की लागत से एक नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस जंक्शन पर लखनऊ की ओर से आने वाले और स्थानीय संपर्क मार्गों के वाहनों के कारण अक्सर जाम व टकराव की स्थिति बनी रहती है। फ्लाईओवर के निर्माण से न केवल लंबी दूरी का ट्रैफिक सरपट दौड़ेगा, बल्कि स्थानीय वाहन चालकों को भी नीचे से सुरक्षित क्रॉसिंग मिल सकेगी। इसके साथ ही हाईवे पर सात प्रमुख चौराहों को अंडरपास के जरिए सुरक्षित किया जाएगा। इनमें दादरा (किमी 40.385), भिटरिया (किमी 62.85), रानीमऊ (किमी 70.6), कूढ़ा सादात (किमी 85.5), भेलसर (किमी 88.675), सत्ती चौरा (किमी 96.5) और अरकुना (किमी 104.480) शामिल हैं।
एनएचएआई के तकनीकी सर्वे में पाया गया कि इन ग्रामीण और कस्बाई इलाकों की संपर्क सड़कें सीधे मुख्य हाईवे से मिलती हैं। डिवाइडर पर सुरक्षित कट या अंडरपास न होने की वजह से ग्रामीण अक्सर विपरीत दिशा यानी रॉन्ग साइड वाहन चलाने को मजबूर होते थे, जिससे भीषण सड़क दुर्घटनाएं होती थीं। इन अंडरपास और फ्लाईओवर के तैयार होने से स्थानीय ट्रैफिक को मुख्य कैरिजवे में घुसे बिना सुरक्षित आवागमन का रास्ता मिलेगा और अयोध्या व पूर्वांचल जाने वाले तेज रफ्तार वाहनों की गति भी निर्बाध बनी रहेगी। प्राधिकरण ने निर्माण के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, सुगम डायवर्जन और कार्य की गुणवत्ता की 24 घंटे निगरानी के सख्त निर्देश जारी किए हैं।