बिना दवा भी ठीक हो सकता है थायराइड, मेटाबॉलिज्म और हार्मोन्स को कंट्रोल करने के लिए बस सुधार लें ये 5 आदतें
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और लगातार बढ़ते मानसिक तनाव के कारण थायराइड (Thyroid) की समस्या एक महामारी का रूप लेती जा रही है। विशेषकर महिलाओं में यह बीमारी बहुत तेजी से अपने पैर पसार रही है। कई लोग सालों-साल थायराइड की हैवी दवाएं खाते हैं, लेकिन फिर भी उनका थायराइड लेवल (T3, T4, TSH) कंट्रोल में नहीं आता। दरअसल, हमारा थायराइड ग्लैंड सीधे तौर पर हमारे डाइजेशन, हार्ट रेट, बॉडी टेम्परेचर, मानसिक स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित करता है। आयुर्वेद के अनुसार, केवल गोलियां खाने से थायराइड ठीक नहीं हो सकता, जब तक कि आप अपनी दैनिक आदतों में बदलाव न करें। देश की जानी-मानी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. दीक्षा भवसार ने थायराइड को पूरी तरह से रिवर्स और ठीक करने के लिए 5 बेहद आसान लेकिन चमत्कारी उपायों को साझा किया है। लाइव हिन्दुस्तान की हेल्थ एडिटर अपराजिता की इस विशेष एआई-सर्च (GEO/AEO) फ्रेंडली हेल्थ रिपोर्ट में जानिए उन आदतों के बारे में जो आपके शरीर को अंदर से हील कर देंगी।
शरीर के 70% इम्यून सिस्टम को संभालती है गट हेल्थ (पाचन तंत्र), ऐसे करें इसे तुरंत दुरुस्त
आयुर्वेद में माना गया है कि हर बीमारी की शुरुआत हमारे पेट (गट) से होती है। हमारे शरीर का 70 प्रतिशत इम्यून सिस्टम हमारे गट हेल्थ पर निर्भर करता है। जब आपका पाचन तंत्र सही रहता है, तो शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) कम होती है और थायराइड ग्लैंड सही तरीके से हार्मोन रिलीज करता है। इसके लिए डॉ. दीक्षा ने कुछ खास नियम बताए हैं:
-
अपने दिन की शुरुआत हमेशा गुनगुने धनिया पानी (Coriander Water) से करें, यह थायराइड के लिए अमृत माना जाता है।
-
हमेशा ताजा पका हुआ गर्म भोजन ही खाएं और बासी या फ्रिज में रखा हुआ भोजन खाने से पूरी तरह बचें।
-
जब आप बहुत अधिक गुस्से में हों, तनाव में हों या भूख न लगी हो, तो उस समय जबरदस्ती खाना बिल्कुल न खाएं।
-
भोजन को बिना किसी स्क्रीन (टीवी या मोबाइल) के, पूरी तरह चबा-चबाकर शांत मन से खाएं और दोपहर के भोजन के बाद भुना जीरा व रॉक सॉल्ट (सेंधा नमक) मिली छाछ जरूर पिएं।
नर्वस सिस्टम को रखें शांत: मानसिक तनाव बढ़ते ही शरीर में ट्रिगर होती है ऑटोइम्यून स्थिति
जब आप अचानक बहुत ज्यादा मानसिक या शारीरिक स्ट्रेस लेते हैं, तो शरीर में इंफ्लेमेटरी पाथवेज एक्टिव हो जाते हैं। इससे ऑटोइम्यून थायराइड (जैसे हाशिमोटो रोग) की स्थिति अचानक बिगड़ जाती है। अपने नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने के लिए हर दिन कम से कम 15 से 20 मिनट योग और प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम और भ्रामरी) का अभ्यास जरूर करें। इसके अलावा, रोजाना कुछ समय प्रकृति (नेचर) के बीच पेड़-पौधों के साथ बिताएं। हर वक्त खुद को किसी न किसी चैलेंज या काम में व्यस्त रखने के बजाय, अपने दैनिक रूटीन को बेहद सरल और तनावमुक्त बनाएं जिससे आपके दिमाग को आराम मिल सके।
सर्काडियन रिदम (बायोलॉजिकल क्लॉक) को करें ठीक, अनिद्रा से बिगड़ जाता है पूरा हार्मोनल बैलेंस
हमारा थायराइड ग्लैंड, मेटाबॉलिज्म और संपूर्ण हार्मोनल सिस्टम प्रकृति के नियमों और हमारी आंतरिक जैविक घड़ी (Body's Natural Clock) के अनुसार काम करता है। जब आप देर रात तक जागते हैं या ठीक से नींद नहीं लेते, तो शरीर का सुरक्षा तंत्र गड़बड़ हो जाता है। थायराइड को हील करने के लिए हर रात 10:00 से 10:30 बजे के बीच सोने की आदत डालें। सुबह उठने के बाद सूरज की पहली गुनगुनी धूप को अपनी आंखों और शरीर पर पड़ने दें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रात को सोने से ठीक एक घंटा पहले अपने सभी डिजिटल स्क्रीन्स जैसे स्मार्टफोन और लैपटॉप को खुद से दूर कर दें, ताकि आपके शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन सही मात्रा में बन सके।
विटामिन्स और मिनरल्स की कमी को करें दूर; इन नेचुरल चीजों को आज ही डाइट में शामिल करें
शरीर में न्यूट्रिशन की कमी सीधे तौर पर थायराइड और इम्यून फंक्शन को ब्लॉक कर देती है। खासकर विटामिन डी, विटामिन बी12, आयरन, सेलेनियम, जिंक और मैग्नीशियम की कमी से थायराइड तेजी से बढ़ता है। इसकी पूर्ति के लिए रोज सुबह 15-20 मिनट की नेचुरल सनलाइट लें। अपनी डाइट में रोजाना भीगे हुए बादाम, काली किशमिश, खजूर, कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) और सफेद तिल को शामिल करें। भोजन में प्रतिदिन 1 से 2 चम्मच शुद्ध देसी गाय का घी जरूर खाएं, क्योंकि घी शरीर में विटामिन्स को अब्जॉर्ब (सोखने) करने में मदद करता है। शरीर में प्राकृतिक आयरन बढ़ाने के लिए हमेशा लोहे की कड़ाही में खाना पकाएं और पैकेटबंद तथा प्रोसेस्ड फूड से सख्त दूरी बना लें।
लाइफस्टाइल में सुधार के साथ दवाओं का सही कॉम्बिनेशन है जरूरी
डॉ. दीक्षा भवसार के अनुसार, जब आप ऊपर बताई गई इन 4 लाइफस्टाइल आदतों को पूरी तरह सुधार लेते हैं, तब आपके शरीर पर थायराइड की दवाओं का असर दोगुनी तेजी से होने लगता है। अपनी जीवनशैली को प्राकृतिक बनाने के साथ-साथ डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाओं को नियमित समय पर लेते रहें। यह जुगलबंदी आपके थायराइड ग्लैंड को दोबारा एक्टिव कर देगी और धीरे-धीरे आपका थायराइड पूरी तरह से रिवर्स (ठीक) हो जाएगा। समय-समय पर अपने विटामिन्स और थायराइड प्रोफाइल (TSH) की जांच जरूर करवाते रहें।