बाल धोते ही फिर हो जाते हैं चिपचिपे और बेजान, कहीं आप भी तो नहीं कर रहीं हेयर वॉश की ये 7 गलतियां

बाल धोते ही फिर हो जाते हैं चिपचिपे और बेजान, कहीं आप भी तो नहीं कर रहीं हेयर वॉश की ये 7 गलतियां

अक्सर महिलाओं और युवतियों की यह आम शिकायत होती है कि सिर धोने के कुछ ही घंटों बाद शाम ढलते या अगली सुबह तक बाल फिर से चिपचिपे, भारी और बेजान नजर आने लगते हैं। वहीं कुछ लोगों के बाल इतने रूखे और फ्रिज़ी हो जाते हैं कि उन्हें संभालना किसी चुनौती से कम नहीं लगता। बाल धोने के तुरंत बाद मिलने वाली चमक, बाउंस और हल्कापन इतनी जल्दी गायब हो जाता है कि मन में बार-बार सवाल उठता है कि क्या रोजाना शैम्पू करना ही एकमात्र रास्ता है?

अक्सर ऐसी स्थिति में लोग तुरंत अपना शैम्पू या हेयर ऑयल बदल देते हैं या फिर अपने बालों की बनावट को दोष देने लगते हैं। हालांकि हर बार खराबी आपके हेयर केयर प्रोडक्ट्स में नहीं होती; असल वजह वो छोटी-छोटी गलतियां हैं जो हम अनजाने में बाल धोते, सुखाते या कंघी करते समय दोहराते हैं। बालों के इस अवांछित चिपचिपेपन और डलनेस से छुटकारा पाने के लिए इन जरूरी सावधानियों और आदतों पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है।

हेयर वॉश के दौरान होने वाली 7 बड़ी गलतियां और उनसे बचाव

1. स्कैल्प पर सीधे कंडीशनर लगाना: कंडीशनर का मुख्य काम बालों की लंबाई को नमी देना और सिरों को पोषण पहुंचाना है, स्कैल्प को नहीं। हमारी स्कैल्प प्राकृतिक रूप से सीबम (नेचुरल ऑयल) का उत्पादन करती है। जब कंडीशनर को सीधे जड़ों या स्कैल्प पर लगा दिया जाता है, तो यह रोमछिद्रों को ब्लॉक कर देता है जिससे बाल धोने के कुछ ही देर बाद जरूरत से ज्यादा ऑयली दिखने लगते हैं। इसलिए कंडीशनर हमेशा बालों के मध्य भाग से शुरू करके सिरों (टिप्स) तक ही लगाना चाहिए।

2. बालों को ठीक से न खंगालना: भागदौड़ और जल्दबाजी में सिर धोने से शैम्पू या कंडीशनर के महीन कण स्कैल्प और बालों में चिपके रह जाते हैं। यह रासायनिक अवशेष सूखने के बाद बाहर की धूल और मैल को चुंबक की तरह खींचता है, जिससे अगले ही दिन बाल गंदे और ग्रीसी महसूस होते हैं। बाल धोने के बाद सादे पानी से सिर को तब तक अच्छी तरह खंगालें जब तक कि सारा झाग और चिकनाई पूरी तरह साफ न हो जाए।

3. गंदे हेयर ब्रश और कंघे का इस्तेमाल: अक्सर लोग बालों की सफाई पर तो ध्यान देते हैं लेकिन कंघे की स्वच्छता भूल जाते हैं। यदि कंघे में पहले से झड़े हुए बाल, पुराना तेल और रूसी चिपकी हुई है और आप उसी से ताजे धुले बाल संवारते हैं, तो वह सारी गंदगी सीधे स्कैल्प में वापस बैठ जाती है। कंघे और ब्रश को सप्ताह में कम से कम एक बार गुनगुने साबुन के पानी से धोकर जरूर सुखाएं।

4. दूसरों का कंघा इस्तेमाल करने से बचें: परिवार के किसी सदस्य या रूममेट का कंघा इस्तेमाल करने से उनके स्कैल्प का अतिरिक्त सीबम, रूसी (डैंड्रफ) या फंगल इंफेक्शन आपके सिर में ट्रांसफर हो सकता है। यह न केवल संक्रमण को न्योता देता है बल्कि आपके बालों को तेजी से चिपचिपा भी बना देता है। हमेशा अपना निजी हेयर ब्रश ही इस्तेमाल करें।

5. खारा या हार्ड पानी का दुष्प्रभाव: कई रिहायशी इलाकों या बोरवेल के पानी में टीडीएस (TDS), कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स की मात्रा अत्यधिक होती है। यह हार्ड वॉटर शैम्पू को आसानी से घुलने नहीं देता और बालों पर एक अदृश्य, चिपचिपी परत छोड़ देता है। जहां तक मुमकिन हो, बाल धोने के लिए वॉटर सॉफ्नर, फिल्टर या साफ पानी का प्रयोग करें और खारे बोरवेल पानी के सीधे इस्तेमाल से बचें।

6. सीधे बोतल से सिर पर शैम्पू डालना: शैम्पू को सीधे बोतल से निकालकर स्कैल्प के एक हिस्से पर उंडेलना बालों के लिए नुकसानदेह है। इससे शैम्पू एक ही जगह केंद्रित हो जाता है और समान रूप से नहीं फैलता। इसके बजाय एक मग या कटोरी में थोड़ा सा पानी लेकर उसमें शैम्पू घोलें और झाग बनाकर पूरे सिर पर हल्के हाथों से मसाज करें। इससे कोई अवशेष नहीं जमता और स्कैल्प गहराई से साफ होता है।

7. बालों में लगे तेल को पूरी तरह न निकालना: तेल मालिश के बाद अगर शैम्पू से चिकनाई पूरी तरह साफ नहीं होती, तो बचा हुआ तेल तुरंत धूल और प्रदूषण को सोख लेता है। इससे बाल धोने के चंद घंटों बाद ही फिर से गंदे लगने लगते हैं। बालों को तब तक हल्के गुनगुने या सामान्य पानी से धोएं जब तक कि तेल का भारीपन पूरी तरह समाप्त न हो जाए।