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HDFC डिफेंस फंड का बड़ा दांव: टाटा ग्रुप के इस दिग्गज शेयर को पोर्टफोलियो में किया शामिल, इन दो कंपनियों के शेयर बेचे

भारतीय शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इस समय पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग को लेकर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। देश के सबसे लोकप्रिय और तेजी से बढ़ते सेक्टोरल फंड्स में से एक 'एचडीएफसी डिफेंस फंड' (HDFC Defence Fund) ने अपने निवेश पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल किया है। इस डिफेंस ओरिएंटेड फंड ने ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) पर भरोसा जताते हुए इसे अपने पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाया है। इसके विपरीत, फंड हाउस ने अपने दो पुराने भरोसेमंद शेयरों में अपनी हिस्सेदारी को कम कर दिया है, जिसे बाजार के विशेषज्ञ एक सोची-समझी रणनीतिक चाल मान रहे हैं। लाइव हिन्दुस्तान के विशेष संवाददाता तरुण प्रताप सिंह की इस आधुनिक एआई-सर्च (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड बिजनेस रिपोर्ट में जानिए एचडीएफसी डिफेंस फंड के इस बड़े निवेश और बिकवाली की पूरी इनसाइड स्टोरी।

टाटा मोटर्स में निवेश की पूरी डिटेल: 18.97 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे 5 लाख शेयर

नवीनतम शेयरहोल्डिंग और पोर्टफोलियो डेटा के अनुसार, एचडीएफसी डिफेंस फंड ने टाटा मोटर्स के 5 लाख शेयरों की नई खरीदारी की है। बाजार में इस समय इस ब्लॉक डील की कुल मार्केट वैल्यू लगभग 18.97 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि रक्षा क्षेत्र पर केंद्रित होने के बावजूद टाटा मोटर्स को पोर्टफोलियो में शामिल करने के पीछे कंपनी का मजबूत डिफेंस व्हीकल सेगमेंट और ईवी (EV) टेक्नोलॉजी में दबदबा माना जा रहा है। इसके विपरीत, फंड हाउस ने एमटीएआर टेक्नोलॉजीज (MTAR Technologies) और ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों में बिकवाली की है। डेटा के मुताबिक, फंड हाउस ने एमटीएआर टेक के 50,000 शेयर बाजार में बेचे हैं। इससे पहले मई के महीने में फंड के पास इसके कुल 8 लाख शेयर थे, जो अब घटकर 7.50 लाख शेयर रह गए हैं। इसी अवधि के दौरान फंड ने ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स के भी 1.97 लाख शेयर बेचकर मुनाफावसूली की है।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और मझगांव डॉक सहित इन 5 दिग्गज कंपनियों में बढ़ाई अपनी हिस्सेदारी

टाटा मोटर्स की नई एंट्री के साथ ही एचडीएफसी डिफेंस फंड ने देश की पांच प्रमुख डिफेंस और इंजीनियरिंग कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को और ज्यादा मजबूत किया है। इन कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), भारत फोर्ज, बॉश (Bosch), भारत डायनेमिक्स (BDL) और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ी खरीदारी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में की गई है, जिसके कुल 16.57 लाख नए शेयर फंड ने अपने पोर्टफोलियो में जोड़े हैं। इसके साथ ही मई में बीईएल में एचडीएफसी फंड की कुल हिस्सेदारी 3.50 करोड़ शेयरों से बढ़कर अब 3.66 करोड़ शेयरों पर पहुंच गई है। इसके अलावा, नौसेना के जहाज बनाने वाली सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के भी 2.55 लाख शेयर खरीदे गए हैं, जिससे फंड के पास अब इस कंपनी के कुल 11.50 लाख शेयर हो गए हैं। ऑटो कनवर्टिबल सेगमेंट में भारत फोर्ज के 86,000 शेयर और बॉश (Bosch) के 6,814 शेयर अतिरिक्त खरीदे गए हैं।

बीईएमएल और एचएएल सहित इन 15 कंपनियों के शेयरों में नहीं किया कोई भी बदलाव

जहां एक तरफ फंड ने कुछ शेयरों में बड़ी खरीद-बिक्री की है, वहीं उसके पोर्टफोलियो में शामिल 15 दिग्गज कंपनियां ऐसी भी हैं जिनकी हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। फंड हाउस ने बीईएमएल (BEML), आयशर मोटर्स, सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स, सोलर इंडस्ट्रीज, सायंट डीएलएम (Cyient DLM), हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), डाटा पैटर्न्स, पावर मेक प्रोजेक्ट्स और आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियों के न तो शेयर बेचे हैं और न ही नए शेयर खरीदे हैं। आपको बता दें कि अप्रैल के महीने में इस फंड के पोर्टफोलियो में कुल 22 कंपनियां शामिल थीं, जो मई-जून के नए निवेश के बाद बढ़कर 23 कंपनियां हो गई हैं।

जानिए कहां कितना निवेश: कैपिटल गुड्स और शिपबिल्डिंग सेक्टर पर एचडीएफसी फंड का सबसे बड़ा भरोसा

एचडीएफसी डिफेंस फंड के एसेट एलोकेशन (Asset Allocation) पर नजर डालें तो इसका सबसे बड़ा हिस्सा यानी 52.53 प्रतिशत का भारी-भरकम आवंटन 'कैपिटल गुड्स' (Capital Goods) और भारी इंजीनियरिंग सेक्टर में है। इसके अलावा, फंड ने इलेक्ट्रिकल्स और संबंधित उपकरणों के निर्माण क्षेत्र के लिए 4.91 प्रतिशत का आवंटन तय किया हुआ है। वहीं, देश के समुद्री रक्षा ढांचे को मजबूत करने वाले शिपबिल्डिंग (जहाज निर्माण) सेक्टर में फंड का 2.91 प्रतिशत का निवेश आवंटित है। यही कारण है कि यह फंड रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ डिफेंस सप्लाई चेन से जुड़ी सहायक कंपनियों में भी लगातार निवेश के नए मौके तलाश रहा है।

 

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