झारखंड राज्यसभा चुनाव: प्रस्तावक और पर्चे पर 24 घंटे का सस्पेंस खत्म, परिमल नाथवानी का नामांकन वैध,
झारखंड की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले 24 घंटों से जारी हाई-वोल्टेज ड्रामा और गहरा सस्पेंस आखिरकार पूरी तरह खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित दिग्गज निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र पर मंडरा रहे रद्दोबदल के बादलों को छांटते हुए भारत निर्वाचन आयोग (EC) ने अपना अंतिम और बड़ा फैसला सुना दिया है। चुनाव आयोग की तरफ से परिमल नाथवानी के नामांकन पर्चे को तकनीकी जांच के बाद पूरी तरह से वैध और सही करार दे दिया गया है। इससे पहले प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने नाथवानी के पर्चे में कई गंभीर तकनीकी कमियों और त्रुटियों का हवाला देते हुए उसे तुरंत खारिज करने की पुरजोर मांग की थी, जिसके चलते यह मामला पिछले 24 घंटों से अधर में लटका हुआ था। चुनाव आयोग के इस नए फैसले के बाद अब झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी रण की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।
विधानसभा में कांग्रेस का जोरदार धरना और हंगामा, मंत्रियों और विधायकों ने खोला मोर्चा
परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र की स्क्रूटनी (जांच) प्रक्रिया के दौरान उठी तमाम तकनीकी आपत्तियों और कांग्रेस के तीखे विरोध के बावजूद निर्वाचन पदाधिकारी सह झारखंड विधानसभा के प्रभारी सचिव रणजीत कुमार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इस विवादित मामले में दोनों पक्षों के वकीलों और प्रतिनिधियों की दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद स्पष्ट किया कि परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कोई भी ऐसी बड़ी कमी नहीं है जिसके आधार पर उसे खारिज किया जाए। आपको बता दें कि इस फैसले से ठीक पहले कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन और धरना दिया था। झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की और कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप सहित कई दिग्गज नेताओं ने जमीन पर बैठकर जमकर नारेबाजी की और चुनाव अधिकारी पर नियमों के खिलाफ जाकर नाथवानी का नया पर्चा स्वीकार करने का गंभीर आरोप लगाया।
'चुनाव आयोग हटाकर लिख लें बीजेपी का नाम', वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का तीखा तंज
बुधवार सुबह से ही इस हाई-प्रोफाइल सीट को लेकर रांची के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई थी। जैसे ही यह खबर आई कि परिमल नाथवानी के नाम और कुछ अन्य अहम बिंदुओं पर आपत्ति के कारण नामांकन को होल्ड किया गया है, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल लिया। धरने के दौरान झारखंड की युवा मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सीधा हमला बोलते हुए उसे पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का दोषी ठहराया। वहीं, इस सियासी आग में घी डालने का काम किया झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के एक तीखे बयान ने। उन्होंने चुनाव आयोग पर सीधा निशाना साधते हुए तंज कसा कि यदि आयोग का रवैया इसी प्रकार एकतरफा और पक्षपातपूर्ण रहा, तो उन्हें जल्द ही अपने सरकारी कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी का नेमप्लेट टांग लेना चाहिए।
18 जून को होगा दो सीटों के लिए फाइनल दंगल, त्रिकोणीय मुकाबले में फंसा पेंच
तमाम तीखे आरोप-प्रत्यारोप, राजनीतिक दबाव और भारी हंगामे के बीच अंततः चुनाव अधिकारी ने कानून सम्मत अंतिम निर्णय देते हुए परिमल नाथवानी के पर्चे को हरी झंडी दिखा दी। इस फैसले के बाद अब झारखंड में राज्यसभा चुनाव का रोमांच सातवें आसमान पर पहुंच गया है और तय कार्यक्रम के अनुसार आगामी 18 जून को दो राज्यसभा सीटों के लिए सुबह से मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प और कांटे का होने वाला है क्योंकि मैदान में अब दिग्गजों की फौज आमने-सामने है। इस महामुकाबले में जहां एक तरफ भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में परिमल नाथवानी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बैद्यनाथ राम को और कांग्रेस ने प्रणव झा को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाकर मैदान को पूरी तरह त्रिकोणीय और रोमांचक बना दिया है।