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'तिल भर भी दोष निकला तो सीधे जेल जाऊंगा', नकली बीज माफियाओं पर ऐक्शन के बीच विपक्ष को दिया करारा जवाब

राजस्थान की सियासत से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। सूबे के कद्दावर नेता और कैबिनेट कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने नकली बीज मामले (Fake Seed Case) को लेकर विपक्ष द्वारा मांगे जा रहे इस्तीफे पर अब तक का सबसे तीखा और आक्रामक पलटवार किया है। डॉ. मीणा ने विरोधियों को खुली चुनौती देते हुए साफ लफ्जों में कहा है कि यदि इस पूरे मामले में उन पर तिल भर का भी दोष या भ्रष्टाचार का कोई एक आरोप सिद्ध हो जाए, तो वह न सिर्फ अपने मंत्री पद से तुरंत इस्तीफा दे देंगे, बल्कि खुद जेल जाने को भी तैयार हैं। राजस्थान के करौली जिले के टोडाभीम क्षेत्र के राजोली गांव में आयोजित शहीद राकेश मीणा की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री के इस तेवर ने मरुधरा की राजनीतिक सरगर्मी को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

विरोधियों के चक्रव्यूह पर बरसे किरोड़ी लाल: 'मैं अभिमन्यु हूं, घुसना भी जानता हूं और निकलना भी'

शहीद स्मारक कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भावुक और कड़े लहजे में कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में षड्यंत्र हमेशा रचे गए हैं, चाहे सरकार किसी भी दल की रही हो। उन्होंने विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले खुद जनता की गाढ़ी कमाई की चोरी कर चुके हैं, वही आज उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। कृषि मंत्री ने कहा, "प्रतिपक्ष के लोग भले ही मेरे खिलाफ कितनी भी व्यूहरचना कर लें, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि मैं सियासत का वह अभिमन्यु हूं जो चक्रव्यूह में केवल घुसना ही नहीं, बल्कि उसे चीरकर बाहर निकलना भी अच्छी तरह जानता है। झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर किसानों के हक की इस बड़ी लड़ाई को कमजोर नहीं किया जा सकता।"

'साथ चलने वाला ही निकला गद्दार': वसूली करने वाले को खुद पकड़वाकर भेजा जेल

नकली बीज माफियाओं के खिलाफ जारी इस बड़ी कार्रवाई के पीछे की इनसाइड स्टोरी साझा करते हुए डॉ. मीणा ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनकी टीम ने पूरी निष्ठा से भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मुहिम शुरू की थी, लेकिन जिस व्यक्ति को वह इस कार्रवाई के दौरान सहयोग के लिए अपने साथ लेकर गए थे, उसी ने पीठ में छुरा घोंपते हुए सारा खेल खराब करने की कोशिश की। वह शख्स नकली बीज पकड़ने के नाम पर विभाग के साथ मिलकर अंदर ही अंदर व्यापारियों से पैसे की उगाही (वसूली) करने लगा था। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि जैसे ही उन्हें इस गद्दारी और भ्रष्टाचार की भनक लगी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए उस आरोपी को खुद रंगे हाथों पकड़वाया और सलाखों के पीछे भिजवा दिया।

डोटासरा और अशोक गहलोत पर साधा निशाना: 'पेपर लीक के समय आवाज उठाई, अब ले रहे हैं बदला'

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि जब राजस्थान में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा था और पेपर लीक के बड़े-बड़े घोटाले सामने आ रहे थे, तब उन्होंने सड़क से लेकर सदन तक भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूती से आवाज बुलंद की थी। उस दौरान उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक को कटघरे में खड़ा किया था। यही वजह है कि आज उन नेताओं को मेरे ऊपर व्यक्तिगत हमला करने का एक छोटा सा मौका मिल गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद कंठ तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं, वे आज दूसरों की ईमानदारी पर सवाल उठा रहे हैं। सांच को कभी आंच नहीं आती, सत्य कुछ समय के लिए परेशान जरूर हो सकता है, लेकिन वह कभी पराजित नहीं हो सकता।

राजनीति में दीमक की तरह फैले भ्रष्टाचार पर महायुद्ध: 'मेरे हाथ के लिए कोई हथकड़ी नहीं बनी'

भ्रष्टाचार को देश और समाज के लिए सबसे घातक बताते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि यह बुराई देश को अंदर ही अंदर उसी तरह खोखला कर रही है, जैसे किसी हरे-भरे पेड़ को दीमक चाट जाती है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि आजकल कुछ लोग राजनीति में केवल इसलिए आ रहे हैं ताकि वे विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री की कुर्सी हथियाकर अपना घर भर सकें, जबकि राजनीति का असली मकसद जनसेवा होना चाहिए। अपनी ताकत का अहसास कराते हुए डॉ. मीणा ने कहा कि उनके पास कोई अवैध संपत्ति नहीं है, बल्कि उनके पास नैतिकता की अटूट शक्ति, आत्मबल, ईमानदारी, दिन-रात की कड़ी मेहनत और राजस्थान की करोड़ों जनता का आशीर्वाद रूपी सबसे बड़ी दौलत है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि दुनिया में ऐसी कोई हथकड़ी नहीं बनी जो किरोड़ी के हाथों में लग सके, क्योंकि जनता की अदालत हमेशा उनके साथ खड़ी है।

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