समंदर में मिसाइल अटैक से दहला भारतीय क्रू: ओमान तट के पास तेल टैंकर पर भीषण हमला, 3 भारतीय नाविक लापता
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के समंदर में सुलग रही बारूदी जंग की आग अब निर्दोष भारतीय नागरिकों तक पहुंच गई है। ओमान के समुद्री तट के करीब एक विशाल तेल टैंकर पर हुए बेहद खौफनाक मिसाइल हमले ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग जगत और भारत सरकार के होश उड़ा दिए हैं। बुधवार को हुए इस हमले के वक्त जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स (नाविक) सवार थे, जो इस खतरनाक हिंसक संघर्ष की चपेट में आ गए। भारतीय नौसेना और ओमान की सुरक्षा एजेंसियों ने बेहद कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 21 भारतीय नाविकों को समुद्र की लहरों और आग की लपटों के बीच से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, लेकिन बेहद दुखद बात यह है कि 3 भारतीय जांबाज अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भारत सरकार ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए लापता भारतीयों को खोजने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
ओमान के सोहार बंदरगाह से 20 मील दूर हुआ धमाका, मस्कट में भारतीय दूतावास पूरी तरह एक्टिव
नई दिल्ली में इस गंभीर घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि जिस बदनसीब जहाज पर हमला हुआ है, वह पलाऊ देश के झंडे (Palau Flagged Vessel) के साथ अंतरराष्ट्रीय रूट पर सफर कर रहा था। हमले के वक्त जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर तैनात थे, जिनमें से सबसे ज्यादा 24 कर्मी भारतीय नागरिक थे। मिसाइल टकराने के तुरंत बाद तबाही से घिरे जहाज ने ओमान के प्रसिद्ध सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील की दूरी से एक इमरजेंसी डिस्ट्रेस सिग्नल (मदद का संदेश) भेजा था। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि भारत सरकार इस संवेदनशील स्थिति पर ओमान की सरकार के साथ पल-पल का संपर्क बनाए हुए है और ओमान की राजधानी मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास को चौबीसों घंटे के लिए हाई अलर्ट पर एक्टिव कर दिया गया है।
इंजन रूम पर सीधे आकर गिरी मिसाइल, ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसी 'एम्ब्रे' ने अमेरिका पर जताई हमले की आशंका
इस खौफनाक समुद्री हमले के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय हलकों में बड़ी थ्योरी सामने आई है। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा मामलों की दिग्गज कंपनी 'एम्ब्रे' (Ambrey) ने एक बेहद चौंकाने वाली आशंका जाहिर की है। एम्ब्रे के मुताबिक, यह हमला किसी आतंकी गुट ने नहीं बल्कि गलती से अमेरिकी मिसाइलों द्वारा हुआ हो सकता है, जो उस वक्त ईरान की घेराबंदी करने और होर्मुज जलमार्ग के बाहर लगी सख्त नाकेबंदी को नियंत्रित करने के लिए दागी गई थीं। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, ऐसे सैन्य हमलों के दौरान अमूमन क्रू मेंबर्स को जहाज के अगले हिस्से (बो) में छिपने के लिए कहा जाता है, क्योंकि निशाना हमेशा पिछले हिस्से को बनाया जाता है। लेकिन इस बदनसीब तेल टैंकर के सीधे इंजन रूम में आकर मिसाइल धंस गई, जिससे वहां तत्काल भीषण विस्फोट हुआ और पूरे जहाज को आग ने अपनी आगोश में ले लिया।
भारत ने दुनिया से की शांति की भावुक अपील: 'अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नागरिक जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद हो'
इस दर्दनाक हादसे से आहत भारत सरकार ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को तुरंत रोकने और कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की पुरजोर वकालत की है। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में बेहद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि इस क्षेत्रीय संघर्ष की वजह से होर्मुज और ओमान के आसपास के पूरे समुद्री क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर लगातार जानलेवा हमले बढ़ रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है। भारत ने अपील दोहराते हुए कहा कि हम तनाव को तत्काल कम करने तथा कूटनीतिक समाधान के लिए जारी वार्ताओं को शीघ्र निष्कर्ष तक पहुँचाने की अपनी मांग पर कायम हैं, ताकि समंदर में शांति लौट सके। क्षेत्र में और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना हर हाल में बंद होना चाहिए, तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र और फ्री शिपिंग एवं सुरक्षित व्यापार को जल्दी से जल्दी बहाल किया जाना चाहिए।