Up kiran,Digital Desk : वैश्विक अस्थिरता और युद्ध की स्थिति के बीच भारत और अरब लीग देशों ने कूटनीति और शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकेत दिया। शनिवार को नई दिल्ली में हुई विदेश मंत्रियों की बैठक में 1967 की सीमाओं पर आधारित एक स्वतंत्र और संप्रभु फलस्तीन राज्य के समर्थन, गाजा में युद्धविराम और समुद्री सुरक्षा के महत्व पर सहमति बनी। यह बैठक भारत-अरब संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
मुख्य बिंदु:
बैठक में 19 अरब लीग सदस्य देशों ने हिस्सा लिया।
फलस्तीन को स्वतंत्र और संप्रभु राज्य के रूप में मान्यता देने तथा इसके लोगों के अधिकारों का समर्थन किया गया।
गाजा में राहत, पुनर्निर्माण और मानवीय सहायता को बिना रुकावट पहुंचाने पर जोर।
सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा और आतंकवाद से लड़ने के लिए सहयोग का संकल्प।
लाल सागर, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमति।
ऊर्जा, डिजिटल, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी निर्णय।
दक्षिण-दक्षिण सहयोग और सतत विकास के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर।
विशेष महत्व:
यह बैठक भारत और अरब देशों के बीच स्थिर और न्यायपूर्ण मध्य पूर्व नीति को बढ़ावा देने, आतंकवाद और समुद्री सुरक्षा के खतरों से निपटने, और फलस्तीन मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।




