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Up kiran,Digital Desk : भारत और यूरोपीय संघ (EU) के रणनीतिक रिश्ते एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहे हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंच चुकी हैं। इस दौरान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और डिफेंस साझेदारी जैसे बड़े समझौतों पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

गणतंत्र दिवस पर विशेष मौजूदगी

26 जनवरी को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में उर्सुला वॉन डेर लेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह भारत-ईयू संबंधों में बढ़ते भरोसे और कूटनीतिक मजबूती का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

27 जनवरी को मोदी-EU शिखर वार्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व के बीच 27 जनवरी को होने वाली उच्चस्तरीय बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। इस शिखर वार्ता में लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते को लेकर ठोस ऐलान हो सकता है।

FTA के अलावा इन समझौतों पर भी चर्चा

इस बैठक में केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि कई अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बन सकती है—

डिफेंस पार्टनरशिप: भारत-ईयू के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने की तैयारी

मोबिलिटी फ्रेमवर्क: भारतीय पेशेवरों के लिए यूरोप में नौकरी और आवागमन को आसान बनाने की योजना

टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन: वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भरोसेमंद साझेदारी पर जोर

क्यों अहम है भारत-EU फ्री ट्रेड डील?

यूरोपीय संघ, भारत का सबसे बड़ा गुड्स ट्रेडिंग पार्टनर है।

FY 2024-25 में व्यापार: 136 अरब डॉलर

भारत का निर्यात: 76 अरब डॉलर

आयात: 60 अरब डॉलर

यह समझौता लागू होने से भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी।

वैश्विक हालात में रणनीतिक संदेश

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका की बदलती आर्थिक और सुरक्षा नीतियों को लेकर वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में भारत और यूरोपीय संघ का नजदीक आना दुनिया को यह संदेश देता है कि लोकतांत्रिक शक्तियां आपसी सहयोग से स्थिरता बनाए रखना चाहती हैं।

हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने उर्सुला वॉन डेर लेन का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत-EU रणनीतिक साझेदारी का ‘नेक्स्ट फेज’ बताया है।