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Up kiran,Digital Desk : तमिल सुपरस्टार विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म जन नायकन का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट (CBFC) समय पर न मिलने की वजह से इसकी 9 जनवरी को होने वाली रिलीज़ रुक गई। निर्माता कंपनी KVN प्रोडक्शंस ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें हाई कोर्ट ने सिंगल जज के निर्देश पर रोक लगा दी थी कि सीबीएफसी को जन नायकन को तुरंत U/A सर्टिफिकेट देना चाहिए।

विवाद का सिलसिला

पहले मद्रास हाई कोर्ट के एक जज ने CBFC को निर्देश दिया कि वह फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट जारी करे, ताकि जन नायकन तय तारीख पर रिलीज़ हो सके।

हालांकि कुछ ही समय बाद **डिवीजन बेंच ने उस आदेश पर स्टे (स्थगन) लगा दिया, जिससे सर्टिफिकेट न मिलने की स्थिति बनी और फिल्म की रिलीज़ अनिश्चित हो गई।

अब इसके खिलाफ निर्माता ने उच्चतम न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है, यह उम्मीद जताई जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट जल्द हिंदी मनोरंजन इंडस्ट्री से जुड़ा यह मामला सुनेगी।

अगला कदम और रिलीज़ पर असर

जन नायकन के वकील पहले से ही उच्च न्यायालय में जल्दी सुनवाई की मांग कर रहे हैं और अगली सुनवाई 21 जनवरी के आस-पास निर्धारित है। इससे यह साफ हो गया है कि फिल्म की पोंगल रिलीज़ अब मुश्किल लग रही है और संभावित रूप से नया रिलीज़ शेड्यूल बनाना पड़ेगा।

फिल्म की खास बात

यह फिल्म ना सिर्फ एक बड़ी तमिल रिलीज़ है बल्कि विजय के फिल्म और राजनीति के संक्रमण के दौर में उनकी संभावित आख़िरी फिल्म मानी जा रही है, इसलिए रिलीज़ में यह देरी फैंस और इंडस्ट्री दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।