बिहार-झारखंड के 60 हजार डाककर्मियों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी
त्योहारों के इस पावन और उल्लास से भरे सीजन में देश के लाखों कर्मचारियों के लिए खुशियों की सौगात आनी शुरू हो चुकी है। इस बीच, बिहार और झारखंड के डाक विभाग (Postal Department) से जुड़े लाखों कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की तरफ से इन दोनों राज्यों के लगभग 60 हजार से अधिक डाककर्मियों और विभागीय कर्मचारियों के लिए दिवाली और छठ के तोहफे के रूप में 'उत्पादकता लिंक्ड बोनस' (Productivity Linked Bonus - PLB) की घोषणा कर दी गई है। इस घोषणा के तहत कर्मचारियों को पूरे 60 दिनों के वेतन के बराबर बोनस राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। त्योहारों के ठीक मुहाने पर आई इस बड़ी वित्तीय राहत से डाक कर्मचारियों और उनके परिवारों में जबरदस्त उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है, क्योंकि इस अतिरिक्त आय से वे अपने घर-परिवार के साथ त्योहारों की खुशियों को दोगुना कर सकेंगे।
क्या है प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस और किसे मिलेगा इसका सीधा लाभ?
केंद्र सरकार द्वारा हर साल वित्तीय वर्ष के दौरान कर्मचारियों के प्रदर्शन और विभाग के राजस्व में उनके योगदान को देखते हुए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस प्रदान किया जाता है। बिहार और झारखंड पोस्टल सर्किल के अंतर्गत आने वाले सभी नियमित डाक कर्मचारी, एमटीएस (MTS), पोस्टमैन, छंटाई सहायक (Sorting Assistants) और ग्रामीण डाक सेवक इस 60 दिनों के बोनस के सीधे तौर पर पात्र बनाए गए हैं। डाक विभाग के शीर्ष अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार का बोनस कैलकुलेशन सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के तहत किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया गया है कि निचले पायदान पर काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों और ग्राउंड स्टाफ को भी इसका पूरा और अधिकतम लाभ मिल सके। महंगाई के इस दौर में जब हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में सरकार का यह कदम कर्मचारियों के लिए एक बड़ी वित्तीय संबल के रूप में सामने आया है।
त्योहारों से पहले खातों में आएगी रकम, स्थानीय बाजारों में बढ़ेगी रौनक
डाक विभाग के कर्मचारियों और यूनियनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह बोनस का पैसा मिलने से कर्मचारियों के वे सभी रुके हुए काम और त्योहारों की खरीदारी आसानी से पूरी हो जाएगी, जिसकी वे लंबे समय से योजना बना रहे थे। बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों—चाहे वह पटना, रांची, मुजफ्फरपुर, धनबाद, गया हो या जमशेदपुर—के डाकघरों में काम करने वाले कर्मचारियों में इस घोषणा के बाद से काफी खुशी है। स्थानीय व्यापारिक संगठनों का भी मानना है कि जब सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों के हाथों में त्योहारी सीजन के दौरान अतिरिक्त नकदी पहुंचती है, तो उसका सीधा सकारात्मक असर स्थानीय बाजारों, कपड़ा दुकानों, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट और सर्राफा बाजारों पर पड़ता है, जिससे अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है। कर्मचारी संघों ने इस त्वरित प्रशासनिक निर्णय के लिए केंद्र सरकार और डाक महानिदेशालय का आभार व्यक्त किया है।
भुगतान की प्रक्रिया हुई तेज, जल्द ही डीबीटी के जरिए खातों में पहुंचेगी राशि
डाक विभाग के वित्त अनुभाग से मिल रही ताजा जानकारियों के मुताबिक, 60 दिनों के इस बोनस के भुगतान के लिए सभी आवश्यक वित्तीय औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। कागजी कार्रवाई और बिल जनरेशन का काम अंतिम चरण में है, और पूरी उम्मीद है कि त्योहारी छुट्टियों से पहले ही यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) या कर्मचारियों के सैलरी अकाउंट्स के माध्यम से सीधे उनके खातों में क्रेडिट कर दी जाएगी। विभाग ने अपने सभी क्षेत्रीय लेखा कार्यालयों (PAO) को यह निर्देश जारी कर दिया है कि वे बिना किसी विलंब के इस प्रक्रिया को पूरा करें ताकि किसी भी कर्मचारी को बोनस मिलने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर, बिहार और झारखंड के इन 60 हजार डाककर्मियों के लिए यह साल का सबसे बेहतरीन तोहफा साबित हो रहा है, जो उनके चेहरे पर मुस्कान लेकर आया है।