गढ़वा में बच्चों की सेहत से खिलवाड़: मिड-डे मील में धड़ल्ले से हो रहा था मिलावटी तेल और नकली मसालों का इस्तेमाल, BDO की रेड में खुली पोल
झारखंड के गढ़वा (Garhwa) जिले से सरकारी दावों और नौनिहालों की सेहत से जुड़े महकमे को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील (Mid-Day Meal) में बड़े पैमाने पर मिलावटी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) द्वारा की गई औचक छापेमारी (Surprise Raid) के दौरान स्कूल के किचन से भारी मात्रा में नामी ब्रांड्स के रैपर में पैक नकली मसाले और केमिकल युक्त मिलावटी सरसों तेल बरामद किया गया है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे जिले के शिक्षा महकमे और स्कूल प्रबंधन समिति में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर BDO ने मारी रेड, रसोई में मची खलबली
प्रशासन को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और कई बच्चे इसे खाकर अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
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अचानक पहुंचे अधिकारी: इन गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए बीडीओ ने शनिवार दोपहर को बिना किसी पूर्व सूचना के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के रसोई घर में सीधे धावा बोल दिया।
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रंगे हाथ पकड़ी गई लापरवाही: जैसे ही प्रशासनिक टीम स्कूल के भीतर दाखिल हुई, वहां मिड-डे मील तैयार कर रहे रसोइयों और मौजूद स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी ने जब खाना बनाने में इस्तेमाल हो रहे सामान की जांच शुरू की, तो परत-दर-परत सच्चाई सामने आती चली गई।
नामी ब्रांड्स के पैकेट में छिपा था मिलावट का खेल
जांच टीम को रसोई की अलमारियों और बोरियों के बीच से भारी मात्रा में ऐसी खाद्य सामग्रियां मिलीं जो इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं।
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केमिकल युक्त नकली तेल: खाना पकाने के लिए जिस सरसों तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था, उसमें तेज तीखी गंध और चिपचिपापन था, जो साफ तौर पर सिंथेटिक या सस्ते पाम ऑयल की मिलावट को दर्शा रहा था।
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लोकल और नकली मसाले: बाजार के प्रतिष्ठित ब्रांड्स के नाम से मिलते-जुलते रैपरों में बेहद घटिया और लकड़ी के बुरादे व प्रतिबंधित रंगों से तैयार मसाले भरे हुए पाए गए।
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सड़ी-गली सब्जियां: बच्चों के लिए बन रही सब्जी में इस्तेमाल होने वाले आलू और टमाटर भी सड़े हुए मिले, जिन्हें बिना ठीक से धोए ही सीधे कड़ाही में डालने की तैयारी थी।
BDO के कड़े तेवर, दोषियों पर FIR दर्ज करने के आदेश
छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद स्कूल के प्रधानाध्यापक और मिड-डे मील के संयोजक अधिकारी के तीखे सवालों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। वे यह भी नहीं बता पाए कि इन नकली सामानों की आपूर्ति किस वेंडर या डीलर द्वारा की जा रही थी।
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लाइसेंस रद्द और सामान सीज: बीडीओ ने मौके पर ही सभी मिलावटी सामानों को तुरंत जब्त (Seize) कर लिया और उनके सैंपल लैब टेस्टिंग के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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सख्त कानूनी कार्रवाई: बीडीओ ने साफ लहजे में कहा कि बच्चों के निवाले में जहर घोलने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। स्कूल प्रबंधन समिति को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दोषी वेंडर और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।