मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और संशोधन के लिए बचे हैं सिर्फ 2 दिन
झारखंड राज्य के चुनावी और राजनीतिक गलियारों से इस समय एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बेहद जरूरी खबर सामने आ रही है जो राज्य के हर एक जागरूक नागरिक, युवा मतदाता और वोटर लिस्ट में अपना नाम देखने वाले हर शख्स के लिए जाननी बेहद आवश्यक है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार झारखंड में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान के तहत मतदाता सूची में नए नाम जुड़वाने, पहले से दर्ज विवरणों में संशोधन करवाने या त्रुटियों को सुधारने के लिए अब मात्र दो दिनों का समय शेष बचा है। तीस सितंबर दो हजार छब्बीस इस पूरी प्रक्रिया की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, जिसके बाद किसी भी नए आवेदन या सुधार कार्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा। राज्य के सभी जिला निर्वाचन कार्यालयों और बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के यहाँ इन दिनों दस्तावेजों को जमा कराने के लिए मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इस विस्तृत, गहन और स्थानीय रूप से बेहद महत्वपूर्ण आलेख में आइए गहराई से जानते हैं कि झारखंड के इस मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया क्या है और किन जरूरी दस्तावेजों के बिना आपका काम अधूरा रह सकता है।
क्या है झारखंड में चल रहा एसआईआर (SIR) अभियान और क्यों है यह हर वयस्क नागरिक के लिए सबसे ज्यादा जरूरी
लोकतंत्र के इस सबसे बड़े पर्व और चुनावी प्रक्रिया में हर पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों को अपडेट करने का काम करता है, जिसे एसआईआर अभियान का नाम दिया गया है। झारखंड में आगामी चुनावों और प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत एक-एक घर का सत्यापन करके मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर किया जा रहा है। यदि आप झारखंड के स्थायी निवासी हैं और हाल ही में अठारह वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, या फिर आपका नाम किसी कारणवश पिछली वोटर लिस्ट से छूट गया था, तो यह दो दिन आपके लिए अपने मताधिकार को सुरक्षित करने का आखिरी अवसर साबित होने वाले हैं। लोकतंत्र में वोट डालने का अधिकार हर नागरिक का सबसे बड़ा हथियार होता है, और यदि आपका नाम ही मतदाता सूची में दर्ज नहीं होगा, तो आप अपने इस संवैधानिक अधिकार का उपयोग करने से वंचित रह जाएंगे।
तीस सितंबर तक कैसे करवा सकते हैं मतदाता सूची में संशोधन या नए नाम का ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म छह (Form 6), नाम हटाने या आपत्ति के लिए फॉर्म सात, और विवरणों में संशोधन या सुधार के लिए फॉर्म आठ भरना अनिवार्य होता है। जो नागरिक अंतिम तिथि यानी 30 सितंबर तक अपने जिला निर्वाचन कार्यालय नहीं पहुँच सकते, वे भारत निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP) या वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन भी दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ (BLO) से संपर्क करके भी ऑफलाइन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा कराया जा सकता है। फॉर्म के साथ आवेदक को अपनी पासपोर्ट साइज फोटो, आयु का प्रमाण पत्र जैसे आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र, और निवास प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होता है ताकि सत्यापन में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।
जिला प्रशासन की सख्त अपील और अंतिम दो दिनों में उमड़ने वाली भीड़ से बचने के लिए तुरंत उठाएं कदम
अंतिम तारीख नजदीक आते ही झारखंड के विभिन्न जिलों जैसे रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग समेत तमाम निर्वाचन केंद्रों पर अचानक से भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे सर्वर धीमा होने और कतारें लंबी होने की समस्या सामने आ रही है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम घड़ी का इंतजार किए बिना इन दो दिनों के भीतर तुरंत अपने नजदीकी केंद्र पर जाएं या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपने फॉर्म सबमिट कर दें। यदि आपके वोटर आईडी कार्ड में नाम, पते, उम्र या पिता के नाम की स्पेलिंग में कोई भी गलती है, तो उसे सुधारने का यह सुनहरा मौका हाथ से न जाने दें, क्योंकि एक छोटी सी गलती भविष्य में मतदान के समय बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 सितंबर की समय-सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में आवेदन स्वीकार करने की अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य: वोटर लिस्ट में अपना नाम जांचें और दूसरों को भी इसके प्रति करें जागरूक
चुनावी लोकतंत्र की नींव एक दुरुस्त और सटीक मतदाता सूची पर टिकी होती है, और यह केवल चुनाव आयोग या प्रशासन की ही जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है कि वह अपनी सूची की जांच स्वयं करे। घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से कुछ ही मिनटों में आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका नाम वोटर लिस्ट में सक्रिय है या नहीं, ताकि चुनाव के दिन आपको किसी निराशा का सामना न करना पड़े। झारखंड के हर युवा, महिला और बुजुर्ग नागरिक को इस एसआईआर अभियान का बढ़-चढ़कर हिस्सा बनना चाहिए और अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। आइए इन बचे हुए दो दिनों का सदुपयोग करते हुए अपने लोकतांत्रिक अधिकार को मजबूत करें और एक सशक्त तथा पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया में अपनी भागीदारी पक्की करें।