शरीर पर है टैटू तो क्या बन पाएंगे अग्निवीर, रैली में जाने से पहले जान लें सेना के नए सख्त नियम
भारतीय फौज में शामिल होकर देश सेवा का सपना देख रहे युवाओं के लिए अग्निवीर भर्ती रैलियों का आयोजन निर्धारित शेड्यूल के अनुसार लगातार किया जा रहा है। इन रैलियों में शारीरिक दक्षता परीक्षा के तहत दौड़, सीने का माप, लंबाई और वजन की जांच के साथ-साथ उम्मीदवारों के पूरे शरीर का गहन मेडिकल परीक्षण भी किया जाता है। सेना में अनुशासन और शारीरिक मानकों को लेकर कड़े प्रावधान हैं, जिनमें से एक टैटू पॉलिसी भी है।
यदि किसी अभ्यर्थी के शरीर पर सेना के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध टैटू बना मिलता है, तो उसे तत्काल भर्ती प्रक्रिया से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। ऐसे में रैली स्थल पर पहुंचने से पहले सेना के इस महत्वपूर्ण नियम को भली-भांति समझना बेहद आवश्यक है।
आर्मी अग्निवीर रैली टैटू पॉलिसी: इन उम्मीदवारों को मिलेगी विशेष छूट
भारतीय सेना भर्ती महानिदेशालय ने टैटू के नियमों को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है। सेना ने कुछ विशेष परिस्थितियों और सांस्कृतिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए सीमित छूट प्रदान की है।
जनजातीय समुदायों और ट्राइबल क्षेत्रों से आने वाले ऐसे अभ्यर्थी जिनकी सांस्कृतिक या सामाजिक परंपराओं में शरीर पर स्थायी टैटू बनवाना अनिवार्य हिस्सा है, उन्हें भर्ती में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। हालांकि इसके लिए उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप में सेल्फ सर्टिफिकेशन सर्टिफिकेट (Appendix E-I) और सक्षम प्रशासनिक अधिकारी जैसे डीसी, डीएम या एसडीएम द्वारा सत्यापित ट्राइबल टैटू सर्टिफिकेट (Appendix E-II) दस्तावेज सत्यापन के समय अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।
धार्मिक टैटू के लिए क्या हैं निर्धारित शर्तें?
सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए केवल धार्मिक प्रतीकों और आस्था से जुड़े टैटू को ही सीमित स्थानों पर अनुमति दी गई है। यह छूट केवल हाथ के आंतरिक हिस्से यानी कोहनी से लेकर कलाई के बीच और हथेली के पिछले हिस्से (डॉर्म) पर बने छोटे धार्मिक टैटू या नाम पर ही लागू होती है। इसके अलावा शरीर के किसी भी अन्य हिस्से पर बने धार्मिक टैटू को भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
शरीर के इन अंगों पर टैटू होने पर सीधे होंगे डिस्क्वालिफाई
सेना भर्ती नियमों के अनुसार शरीर के कई संवेदनशील और दृश्यमान हिस्सों पर किसी भी प्रकार के स्थायी टैटू की पूरी तरह से मनाही है। यदि किसी अभ्यर्थी के कंधे या बांह के ऊपरी हिस्से, छाती, गर्दन, पैर या पसलियों पर परमानेंट टैटू बना हुआ है, तो उसे अग्निवीर भर्ती रैली के शारीरिक परीक्षण चरण में ही अयोग्य (डिस्क्वालिफाई) करार दे दिया जाएगा। सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का तर्क या अपील स्वीकार नहीं की जाएगी।
रैली ग्राउंड जाने से पहले जरूरी दस्तावेजों की कर लें जांच
यदि आपका टैटू सेना के आधिकारिक नियमों और दिशा-निर्देशों के दायरे में आता है, तो आप बिना किसी संशय के भर्ती रैली में शामिल हो सकते हैं। रैली ग्राउंड में प्रवेश के लिए अपने साथ एडमिट कार्ड, दसवीं कक्षा की मूल अंकतालिका, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र और हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अवश्य लेकर जाएं। सभी मूल दस्तावेजों के साथ-साथ उनकी स्व-प्रमाणित छायाप्रतियां भी साथ रखें, क्योंकि फिजिकल टेस्ट के तुरंत बाद दस्तावेजों का कड़ाई से सत्यापन किया जाएगा।