फर्जी PhD के दम पर बने थे गुरुजी! 249 गेस्ट टीचर्स पर FIR दर्ज, जांच की आंच आते ही 200 से ज्यादा ने छोड़ी नौकरी

फर्जी PhD के दम पर बने थे गुरुजी! 249 गेस्ट टीचर्स पर FIR दर्ज, जांच की आंच आते ही 200 से ज्यादा ने छोड़ी नौकरी

शिक्षा विभाग और यूनिवर्सिटीज में चल रहे फर्जी डिग्री के एक बहुत बड़े रैकेट का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बरसों से फर्जी PhD (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की डिग्रियों के दम पर सरकारी सिस्टम को चूना लगा रहे गेस्ट टीचर्स (अतिथि शिक्षकों) पर अब कानून का शिकंजा पूरी तरह कस गया है। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है और सालों से चल रहा यह फर्जीवाड़ा अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।

249 अतिथि शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

जांच एजेंसियों और उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि सैकड़ों की संख्या में गेस्ट टीचर्स ने नौकरी पाने और अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए फर्जी PhD सर्टिफिकेट्स का सहारा लिया था। दस्तावेजों के वेरिफिकेशन में जब इन डिग्रियों की सच्चाई सामने आई, तो विभाग के होश उड़ गए। इसके तुरंत बाद सख्त कदम उठाते हुए 249 गेस्ट टीचर्स के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में FIR दर्ज करा दी गई है।

जांच शुरू होते ही मची भगदड़, 200 से ज्यादा फरार

इस बड़े एक्शन का असर यह हुआ कि जैसे ही विभाग ने डिग्रियों की बारीकी से स्क्रूटनी (जांच) शुरू की, वैसे ही फर्जीवाड़ा करने वाले शिक्षकों में हड़कंप मच गया। पुलिसिया कार्रवाई और जेल जाने के डर से 200 से ज्यादा गेस्ट टीचर्स ने रातों-रात बिना किसी नोटिस के अपनी नौकरी छोड़ दी और गायब हो गए। इन शिक्षकों का अचानक इस्तीफा देना और गायब होना इस बात का पुख्ता सबूत है कि उनकी डिग्रियां पूरी तरह जाली थीं।

ब्लैकलिस्ट होंगे दोषी, रिकवरी की भी तैयारी

प्रशासन अब इन सभी फरार और आरोपी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के मूड में है। विभाग इन सभी को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी कर रहा है ताकि ये भविष्य में किसी भी अन्य शैक्षणिक संस्थान में नौकरी न पा सकें। इसके साथ ही, सरकार इस बात पर भी कानूनी राय ले रही है कि इन फर्जी शिक्षकों ने अब तक सैलरी के रूप में सरकारी खजाने से जो भी रकम उठाई है, उसकी पूरी रिकवरी (वसूली) उनकी संपत्ति कुर्क करके की जाए।

Latest Posts