Up kiran,Digital Desk : तमिल सिनेमा की मच अवेटेड फिल्म ‘पराशक्ति’ को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब सुलझने की राह पर है। मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और इसे 10 जनवरी, पोंगल के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज करने की अनुमति दे दी।
जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया, जिससे फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों दोनों को बड़ी राहत मिली।
फिल्म में शिवकार्तिकेयन और रवि मोहन-श्रीलीला
निर्देशक सुधा कोंगरा की इस फिल्म में शिवकार्तिकेयन मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ रवि मोहन, अथर्वा और श्रीलीला भी अहम किरदार निभा रहे हैं।
फिल्म को पोंगल के मौके पर 10 जनवरी को रिलीज किया जाना तय है।
कानूनी विवाद की वजह
यह मामला तब सामने आया जब सहायक निर्देशक के.वी. राजेंद्रन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया कि ‘पराशक्ति’ की कहानी उनके पहले से रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट से मिलती-जुलती है। उन्होंने फिल्म पर साहित्य चोरी (प्लेजरिज्म) का आरोप लगाया और रिलीज पर रोक लगाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान निर्देशक सुधा कोंगरा की ओर से वरिष्ठ वकील पी एस रमन, और निर्माता डॉन पिक्चर्स की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद पांडियन ने दलीलें पेश कीं।
कोर्ट ने कहा कि फिलहाल फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का कोई ठोस आधार नहीं है, लेकिन मामले को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने साउथ इंडियन फिल्म राइटर्स एसोसिएशन को निर्देश दिया कि वह साहित्य चोरी के आरोपों की जांच करे और 2 जनवरी तक रिपोर्ट पेश करे।
तय समय पर रिलीज
कोर्ट के फैसले के बाद अब यह स्पष्ट है कि ‘पराशक्ति’ 10 जनवरी को रिलीज होगी। प्रोमो और पोस्टर्स से संकेत मिलता है कि फिल्म की कहानी 1960 के दशक में हुए हिंदी विरोधी आंदोलनों पर आधारित हो सकती है, जो इसे और भी संवेदनशील और चर्चित बनाती है।
बॉक्स ऑफिस टक्कर
दिलचस्प बात यह है कि ‘पराशक्ति’ को बॉक्स ऑफिस पर कड़ी टक्कर मिलने वाली है। थलपति विजय की विदाई फिल्म ‘जन नायकन’ 9 जनवरी को रिलीज़ होने जा रही है। ऐसे में पोंगल वीकेंड पर तमिल सिनेमा में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा।




