Up kiran,Digital Desk : आज सिनेमाघरों में जावेद जाफरी की नई फिल्म ‘मायासभा- द हॉल ऑफ इल्यूजन’ रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म के रिलीज़ में आठ साल का लंबा इंतजार रहा। फिल्म सिर्फ एक रात की कहानी पर आधारित साइकोलॉजिकल थ्रिलर है और इसका गहरा कनेक्शन राजकुमार राही की चर्चित फिल्म ‘तुम्बाड़’ से जुड़ा है।
महज 22 दिनों में पूरी हुई थी शूटिंग
निर्देशक राही अनिल बर्वे ने साल 2018 में ‘तुम्बाड़’ बनाई थी, जो हॉरर थ्रिलर दर्शकों को बेहद पसंद आई। इसके छह महीने बाद ही उन्होंने ‘मायासभा’ की शूटिंग शुरू की। फिल्म को सिर्फ 22 दिनों में शूट कर लिया गया, लेकिन रिलीज़ कराने में डायरेक्टर को लंबी मेहनत करनी पड़ी। अब आठ साल के इंतजार के बाद फिल्म सिनेमाघरों में आई है।
क्या है ‘मायासभा’ की कहानी?
फिल्म एक भूल-भुलैया जैसी साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। कहानी सिर्फ एक रात की है, मुंबई के उजाड़ पड़े एक थिएटर में घटित होती है। पुराने फिल्म प्रोड्यूसर परमेश्वर खन्ना अपने 14 साल के बेटे वासु के साथ थिएटर में अकेले रहते हैं। अचानक वहां दो लोग आते हैं, जो छिपे हुए सोने की तलाश में आए हैं। लेकिन उन्हें सोने के बजाय डरावनी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। फिल्म में धोखा, लालच और भय जैसे तत्व कहानी को और दिलचस्प बनाते हैं।
फिल्म की स्टार कास्ट
जावेद जाफरी फिल्म में परमेश्वर खन्ना के रूप में नजर आए हैं, जिनका लुक और फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों को चौंकाता है। इसके अलावा वीना जामकर, दीपक दामले और मोहम्मद समद ने भी दमदार अभिनय किया है।
‘मायासभा’ से जुड़ी और खास बातें
जावेद जाफरी के अनुसार कई दिन 20 घंटे तक शूटिंग चलती रही।
फिल्म राही अनिल बर्वे की किताब ‘आदिमायेचे’ के एक चैप्टर पर आधारित है।
कुछ खास सीन्स के लिए निर्देशक को लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े।
फिल्म का ‘तुम्बाड़’ से कनेक्शन इसकी थ्रिलर और हॉरर स्टाइल में देखा जा सकता है।




