चमत्कार: लैब में बनी खोपड़ी के सहारे जिन्दा है ये शख्स

मेडिकल साइंस के चमत्कारों के चलते इंसानों की जीवन प्रत्याशा काफी बढ़ गयी है। डॉक्टरों की मेहनत का ही नतीजा है कि दुनिया के कई देशों में...

नई दिल्ली। मेडिकल साइंस के चमत्कारों के चलते इंसानों की जीवन प्रत्याशा काफी बढ़ गयी है। डॉक्टरों की मेहनत का ही नतीजा है कि दुनिया के कई देशों में वयस्कों की मृत्यु दर (Death Rate) में बड़ा सुधार आया है। धरती पर डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है। मेडिकल साइंस की ताकत का ही नतीजा है कि न्यूजीलैंड में जानलेवा हमले के बाद एक शख्स की खोपड़ी के हिस्से को बदल दिया गया। कहने का मतलब ये है कि आर्टिफीशियल खोपड़ी लगाकर एक शख्स की जाना बचाई गयी।

skull made in the lab

ये चमत्कार ब्रिटेन निवासी 26 वर्षीय जोश स्टोरर के साथ हुआ। जोश के ब्रेन में गंभीर चोट आ गयी थी जिसकी वजह से वे तीन हफ्ते तक कोमा में रहे। इस दौरान जब उनकी सर्जरी की गयी तो उनकी खोपड़ी के हिस्से को भी बदल दिया गया। उन्हें लैब में बनाई गई कृत्रिम खोपड़ी लगाई गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जोश 9 जुलाई को एक हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे जिसके बाद न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में उनके ब्रेन की बहुत बड़ी सर्जरी हुई थी।

इस सर्जरी के दौरान जोश के मस्तिष्क से दबाव को दूर करने के लिए ऑपरेशन कर उनकी खोपड़ी के दाहिने आधे हिस्से को हटा दिया गया था। अस्पताल प्रशासन ने जोश के परिजनों को बताया कि उनके लिए खोपड़ी का वो हिस्सा जोड़ना जरूरी है और उन्हें तब तक इंतजार करना होगा जब तक कि कोविड -19 अलर्ट के खत्म होने के बाद उनके लिए नई कृत्रिम खोपड़ी नहीं बन जाती। जोश की सहमति के बाद लैब में तैयार कृत्रिम खोपड़ी को उनके सिर से जोड़ा है।

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