Up kiran,Digital Desk : पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव का माहौल पहले से ही गर्म होता जा रहा है। चुनाव से कुछ समय पहले भाजपा ने हुगली ज़िले के सिंगूर को अपनी रणनीति का प्रमुख मंच बनाया है, जहां 18 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली को पार्टी औद्योगिक विकास और राज्य के आर्थिक अवसरों को लेकर अपनी बात आगे रखने का एक अवसर बता रही है।
सिंगूर वही इलाका है जहाँ पहले टाटा नैनो कार की फैक्ट्री स्थापित होने वाली थी, लेकिन किसानों के विरोध और लंबे संघर्ष के बाद परियोजना रद्द हो गई थी। भाजपा नेतृत्व यह संदेश देना चाहता है कि टाटा नैनो प्रोजेक्ट के बाद बंगाल में बड़े उद्योगों का आना रुक गया और विकास की रफ्तार धीमी रह गयी। रैली के ज़रिये पार्टी यह दिखाना चाहती है कि अगर वह सत्ता में आएगी, तो औद्योगिक विकास पर जोर देगी और निवेश आकर्षित करेगी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का कहना है कि राज्य में भारी उद्योगों को आकर्षित करने के लिए व्यापक भूमि नीति की जरूरत है, जिससे प्रतिभा पलायन रोका जा सके और रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े उद्योगों को कृषि भूमि पर ही स्थापित करना होगा और इसमें किसानों की भागीदारी जरूरी है।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस रणनीति पर पलटवार करती दिख रही है और सिंगूर की राजनीति को किसानों के अधिकारों की लड़ाई के रूप में पेश करती रही है, जैसे कि 2008 में हुआ था। भाजपा की इस सिंगूर रणनीति को राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है जो विधानसभा चुनाव में उद्योग और रोजगार को लेकर बहस को आगे बढ़ाएगी।

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