भारत में बनेंगे 94 राफेल जेट, जानिए डिफेंस डील की हर बड़ी बात

भारत में बनेंगे 94 राफेल जेट, जानिए डिफेंस डील की हर बड़ी बात

भारतीय वायु सेना (IAF) की युद्धक क्षमताओं को कई गुना बढ़ाने और गिरती स्क्वाड्रन क्षमता को उबारने की दिशा में एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर आई है। भारत द्वारा 114 राफेल फाइटर जेट्स (Rafale Jets) की खरीद के लिए भेजे गए अनुरोध पत्र (LOR) पर फ्रांस से इस साल अगस्त के मध्य तक आधिकारिक जवाब मिलने की पूरी संभावना है।

समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने मई महीने में फ्रांस सरकार को 'गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट' (G2G) डील के तहत बातचीत शुरू करने के लिए लेटर ऑफ रिक्वेस्ट भेजा था, जिस पर फ्रांसीसी अधिकारियों ने समीक्षा के लिए अगस्त तक का समय मांगा है। फ्रांस की प्रतिक्रिया मिलते ही नई दिल्ली और पेरिस बातचीत की मेज पर औपचारिक रूप से बैठेंगे।

'मेक इन इंडिया' को मेगा बूस्ट: 94 राफेल जेट भारत में ही बनेंगे

इस महत्वाकांक्षी रक्षा सौदे की सबसे खास बात यह है कि इसमें घरेलू एयरोस्पेस विनिर्माण को बहुत बड़ा बढ़ावा दिया जा रहा है। कुल 114 राफेल विमानों के प्रस्ताव में से 94 फाइटर जेट्स का निर्माण फ्रांस की 'डसॉल्ट एविएशन' एक भारतीय साझेदार कंपनी के साथ मिलकर भारत में ही करेगी

पिछले महीने फ्रांस ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वह राफेल लड़ाकू विमानों के पूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (Technology Transfer - ToT) और इसमें भारत निर्मित हथियारों व मिसाइल प्रणालियों को एकीकृत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारतीय वायु सेना के लिए क्यों बेहद महत्वपूर्ण है यह सौदा?

भारतीय वायु सेना वर्तमान में स्क्वाड्रन की कमी की बड़ी चुनौती से जूझ रही है। रूसी मूल के पुराने मिग (MiG) लड़ाकू विमानों की चरणबद्ध सेवानिवृत्ति (Retirement) और स्वदेशी LCA तेजस मार्क 1A व LCA मार्क 2 के शामिल होने में हो रही देरी के कारण यह डील बेहद क्रिटिकल मानी जा रही है।

हाल ही में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के पदभार संभालने के बाद रक्षा मंत्रालय ने वायु सेना की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की थी। इसके बाद रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 114 राफेल जेट की खरीद के प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी।

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