शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अभिजीत दिपके के बयान ने मचाई हलचल, दिया कुछ बड़ा करने का संकेत
देश भर में नीट (NEET) परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले और जंतर-मंतर पर चल रहे उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीति से लेकर न्यायपालिका तक एक बड़ा भूचाल आ गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद देश के विभिन्न हिस्सों और छात्र संगठनों में प्रतिक्रियाओं का दौर तेजी से जारी है।
'मुझे हीरो मत बनाइए, यह जीत की ओर पहला कदम है': अभिजीत दिपके
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तीखा बयान देते हुए कहा, "मुझे हीरो मत बनाइए, यह हमारी जीत की ओर पहला कदम है।" इसी के साथ सीजेपी संस्थापक ने आज शाम ठीक 6 बजे राष्ट्रव्यापी कैंडल मार्च और मौन श्रद्धांजलि का आह्वान किया है, ताकि विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रभावित हुए छात्रों और परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाई जा सके।
मुख्य न्यायाधीश सौरभ दास की बड़ी प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए मुख्य न्यायाधीश सौरभ दास ने कहा कि शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना "भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की एक बड़ी जीत है।" न्यायपालिका की ओर से आए इस बयान ने इस राजनीतिक संकट को एक नया मोड़ दे दिया है।
छात्रों के व्यापक हित और सुरक्षा के लिए छोड़ा पद: धर्मेंद्र प्रधान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर और पूरे देश में उत्पन्न स्थिति का अनुचित लाभ राष्ट्रविरोधी तत्वों को न मिले, देश की एकता बनी रहे और छात्र किसी भी तरह की कानूनी पेचीदगियों में न उलझकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। उन्होंने अपने पत्र में चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधारों से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि एक मजबूत और प्रगतिशील शिक्षा प्रणाली ही राष्ट्र की नींव होती है।