NEET विवाद के बीच प्रल्हाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय: जानें कितने पढ़े-लिखे हैं नए शिक्षा मंत्री और कैसा रहा है अब तक का सियासी सफर

NEET विवाद के बीच प्रल्हाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय: जानें कितने पढ़े-लिखे हैं नए शिक्षा मंत्री और कैसा रहा है अब तक का सियासी सफर

2026 के NEET (UG) परीक्षा विवाद और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कुप्रबंधन को लेकर उठे राजनीतिक तूफान के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को देश के अति-महत्वपूर्ण 'शिक्षा मंत्रालय' का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

प्रल्हाद जोशी वर्तमान में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री का पद संभाल रहे हैं। अब देश के सबसे संवेदनशील और छात्रों से जुड़े शिक्षा मंत्रालय की कमान उनके हाथों में आने के बाद हर कोई उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, योग्यता और राजनीतिक अनुभव के बारे में जानने को उत्सुक है।

प्रल्हाद जोशी की शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) क्या है?

देश के नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कला वर्ग से स्नातक किया है। उनकी प्राथमिक शिक्षा रेलवे स्कूल में हुई, जिसके बाद उन्होंने हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से अपनी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक पढ़ाई पूरी की।

साधारण परिवार से दिल्ली के सत्ता गलियारों तक: जानिए प्रारंभिक जीवन

प्रल्हाद जोशी का जन्म 27 नवंबर, 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा (पूर्व में बीजापुर) में एक बेहद साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता भारतीय रेलवे (Indian Railways) में कार्यरत थे।

कम उम्र में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से प्रभावित हुए और संघ से जुड़ गए। कर्नाटक में आरएसएस के संगठनात्मक कार्यों के जरिए ही उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बनाई और धीरे-धीरे राज्य की सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

लगातार 5 बार सांसद: धारवाड़ से मोदी कैबिनेट तक की राजनीतिक यात्रा

प्रल्हाद जोशी कर्नाटक भाजपा के सबसे बड़े और अनुभवी चेहरों में से एक हैं। वर्ष 2004 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से वे धारवाड़ संसदीय क्षेत्र से लगातार 5 बार सांसद चुने जा चुके हैं।

अपने लंबे और निष्कलंक राजनीतिक करियर में उन्होंने पार्टी और सरकार दोनों स्तरों पर कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं:

  1. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष: कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूती दी।

  2. संसदीय कार्य मंत्री: संसद के दोनों सदनों में विधायी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका।

  3. केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री: देश के ऊर्जा और खनन क्षेत्र में बड़े सुधारों की अगुवाई की।

  4. उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री: वर्तमान में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

  5. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री: भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रल्हाद जोशी को क्यों दी गई शिक्षा मंत्रालय की कमान?

वर्ष 2026 में NEET परीक्षा धांधली और NTA की कार्यप्रणाली को लेकर देशभर में छात्रों और विपक्ष का जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। जंतर-मंतर पर CJP के 37 दिनों के ऐतिहासिक आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

ऐसे नाजुक मोड़ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक अनुशासन, पारदर्शिता और छात्रों का विश्वास वापस कायम करने के लिए अपने सबसे भरोसेमंद और अनुभवी रणनीतिकार प्रल्हाद जोशी पर दांव लगाया है।

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