बीजेपी जॉइन करने का ऐलान, फिर आया राहुल गांधी का फोन और बदल गया फैसला

बीजेपी जॉइन करने का ऐलान, फिर आया राहुल गांधी का फोन और बदल गया फैसला

महाराष्ट्र की सियासत में विधानसभा चुनावों की हलचल के बीच कांग्रेस पार्टी को बुलढाणा जिले में एक बहुत बड़ा झटका लगते-लगते टल गया। चिखली विधानसभा सीट से पूर्व विधायक और इलाके के कद्दावर नेता राहुल बोंडरे भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का पूरा मन बना चुके थे, लेकिन ऐन वक्त पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक सीधे फोन कॉल ने पूरा सियासी समीकरण पलट दिया।

राहुल गांधी से फोन पर हुई बातचीत के तुरंत बाद बोंडरे ने न केवल भगवा दल में जाने का अपना फैसला वापस लिया, बल्कि सार्वजनिक रूप से कांग्रेस में ही बने रहने और पार्टी के प्रति निष्ठा की शपथ ले ली। इस नाटकीय घटनाक्रम और फोन कॉल का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है।

फेसबुक लाइव पर कर दिया था बीजेपी में जाने का ऐलान

राजनीतिक रिपोर्टों के मुताबिक, बुलढाणा की राजनीति में मजबूत जनाधार रखने वाले पूर्व विधायक राहुल बोंडरे ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामने की पूरी तैयारी कर ली थी। उन्होंने बाकायदा फेसबुक ब्रॉडकास्ट लाइव आकर सार्वजनिक रूप से अपने समर्थकों को बताया था कि वे भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। यह पहला मौका नहीं था जब उनके पाला बदलने की चर्चाएं उठी थीं, बल्कि इससे पहले भी वे कम से कम दो बार भाजपा में शामिल होने के स्पष्ट संकेत दे चुके थे। ऐसे में अगर उनका यह दलबदल आधिकारिक रूप ले लेता, तो विदर्भ क्षेत्र में कांग्रेस संगठन के लिए यह बेहद गंभीर राजनीतिक क्षति साबित होती।

प्रदेश नेतृत्व का जताया था आभार, पर शीर्ष हस्तक्षेप से बदला मन

फेसबुक लाइव संबोधन के दौरान पूर्व विधायक राहुल बोंडरे ने कांग्रेस में बिताए अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद किया था। उन्होंने पार्टी के प्रदेश स्तरीय नेताओं और बुलढाणा जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मार्गदर्शन के लिए आभार भी जताया था। हालांकि, जैसे ही उनके इस फैसले की भनक आलाकमान को लगी, राहुल गांधी ने बिना वक्त गंवाए सीधे बोंडरे से संपर्क साधा। पार्टी के शीर्ष स्तर से मिले इस व्यक्तिगत सम्मान, आश्वासन और संवाद के बाद बोंडरे का रुख पूरी तरह बदल गया और उन्होंने बगावत का रास्ता छोड़ते हुए कांग्रेस के साथ ही अपनी राजनीतिक पारी जारी रखने का पक्का संकल्प दोहराया।