NEET छात्रों के आंदोलन का बड़ा असर; 10 साल की जेल और 10 करोड़ का जुर्माना, जानिए सरकार का नया प्लान

NEET छात्रों के आंदोलन का बड़ा असर; 10 साल की जेल और 10 करोड़ का जुर्माना, जानिए सरकार का नया प्लान

NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार एक नया सख्त कानून लाने पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली संगठित धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगाना है।

प्रस्तावित कानून में मामलों के त्वरित निपटारे पर विशेष जोर दिया गया है ताकि छात्रों को लंबे समय तक न्याय का इंतजार न करना पड़े और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत हो सके।

तीन महीने के भीतर होगा मामलों का निपटारा

सूत्रों के अनुसार, नए कानून में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष अदालतों में कराने का प्रस्ताव है। इन अदालतों को निर्देश होगा कि सुनवाई शुरू होने के बाद अधिकतम तीन महीने के भीतर फैसला सुनाया जाए।

सरकार का मानना है कि समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया से ऐसे अपराधों पर तेजी से कार्रवाई होगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल का प्रस्ताव

प्रस्तावित कानून में परीक्षा पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी में शामिल लोगों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद और अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। यदि यह कानून लागू होता है, तो यह परीक्षा से जुड़े अपराधों के खिलाफ देश के सबसे सख्त कानूनी प्रावधानों में शामिल होगा।

NEET-UG विवाद के बीच बढ़ी सख्ती

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।

केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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