गडकरी-फडणवीस के घर में कांग्रेस की 'सर्जिकल स्ट्राइक'! नागपुर में ढह गया BJP का सबसे मजबूत किला
महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अहम गढ़ नागपुर में कांग्रेस ने बड़ा उलटफेर करते हुए विधान परिषद (MLC) की ग्रेजुएट सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र में आए इस नतीजे को भारतीय जनता पार्टी के लिए एक अप्रत्याशित झटके के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस के मौजूदा MLC अभिजीत वंजारी ने कड़े मुकाबले में BJP उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को 3,271 मतों के अंतर से पराजित किया।
मतगणना की शुरुआत बेहद नाटकीय रही। बुधवार को दूसरे चक्र की गिनती तक पहली पसंद के वोटों में BJP प्रत्याशी सुधाकर कोहाले 4,294 वोटों की बढ़त बनाए हुए थे। उस चरण में कोहाले के खाते में 60,924 वोट और वंजारी के पक्ष में 56,630 वोट दर्ज हुए थे, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले ने 24,249 वोट हासिल कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया था।
जीत के लिए निर्धारित कोटा किसी भी प्रत्याशी द्वारा हासिल न कर पाने के कारण मुकाबला सेकंड प्रेफरेंस (द्वितीय वरीयता) के एलिमिनेशन राउंड में पहुंच गया। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अंतिम छंटनी प्रक्रिया के बाद अभिजीत वंजारी 67,231 मत जुटाकर विजयी रहे, वहीं कोहाले 63,960 वोटों पर सिमट गए। इससे पहले हुए चुनाव में भी वंजारी ने BJP के संदीप जोशी को शिकस्त दी थी।
नागपुर खंड स्नातक क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से BJP का सबसे मजबूत किला रहा है, जहां से नितिन गडकरी कई कार्यकालों तक विधान परिषद सदस्य रहे। हालांकि, इस स्थानीय हार के बीच BJP ने चार राज्यों के MLC चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस पर चौतरफा राजनीतिक हमला बोल दिया है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों पर मतदान मतपत्रों (बैलेट पेपर) के जरिए संपन्न हुआ था।
विपक्षी दलों द्वारा लगातार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर उठाए जा रहे सवालों और पेपर बैलेट की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए पूछा कि बैलेट पेपर से हुए इन 28 चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन क्या रहा। BJP का तर्क है कि जब मतपत्रों से हुए चुनावों में भी कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश नहीं मिल रहा, तो EVM में हेरफेर और वोट चोरी के आरोप बेबुनियाद साबित होते हैं। मतपत्र बनाम EVM की इस राष्ट्रीय बहस के बीच नागपुर की यह जीत स्थानीय स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश भर गई है।