ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार: पाकिस्तान से भारत आएगा 500 मुस्लिम जायरीन का जत्था, दूतावास में पासपोर्ट जमा
भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण कूटनीतिक संबंधों के बीच एक बेहद अहम और बड़ा अपडेट सामने आया है। हाल ही में चर्चा में रहे 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों के बीच धार्मिक यात्रा को लेकर इतनी बड़ी गतिविधि देखने को मिल रही है। पाकिस्तान से करीब 500 मुस्लिम जायरीन का एक बड़ा जत्था भारत आने की कतार में है, जिसके लिए वीजा प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
भारतीय उच्चायोग में 500 पासपोर्ट हुए जमा
इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास (Indian High Commission) से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भारत में मौजूद प्रसिद्ध सूफी दरगाहों के दर्शन और धार्मिक रस्मों में शामिल होने के लिए 500 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों ने वीजा के लिए आवेदन किया है। इन सभी आवेदकों के पासपोर्ट दूतावास में जमा कर दिए गए हैं और सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी (Security Clearance) के बाद इन्हें जल्द ही वीजा जारी किए जाने की उम्मीद है। कूटनीतिक स्तर पर इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धार्मिक प्रोटोकॉल के तहत होगी भारत यात्रा
भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1974 में हुए धार्मिक स्थलों की यात्रा से जुड़े द्विपक्षीय प्रोटोकॉल (1974 Protocol on Visits to Religious Shrines) के तहत यह यात्रा आयोजित की जा रही है। इस समझौते के तहत दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे के यहां मौजूद तयशुदा धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन के लिए आ-जा सकते हैं। पाकिस्तान से आने वाला यह जत्था दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन औलिया और अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह समेत देश के प्रमुख सूफी केंद्रों पर जियारत के लिए पहुंचेगा।
सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम, खुफिया एजेंसियां अलर्ट
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पैदा हुए सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए भारतीय खुफिया एजेंसियां और गृह मंत्रालय इस पूरे जत्थे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। सूत्रों का कहना है कि भारत में एंट्री करने से लेकर इनके तय रूट और ठहरने वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रहेगी। स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि इन जायरीन के आगमन और प्रस्थान के दौरान प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जाए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक न होने पाए।