8 लाख की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया GST अधिकारी, लोकायुक्त ने ऑफिस में ही दबोचा

8 लाख की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया GST अधिकारी, लोकायुक्त ने ऑफिस में ही दबोचा

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में लोकायुक्त की टीम ने केंद्रीय कर्मियों के भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए सेंट्रल GST के एक बड़े अधिकारी को भारी-भरकम घूस लेते दबोच लिया है। कोरमंगला स्थित केंद्रीय सदन परिसर में तैनात सुपरिटेंडेंट स्तर के इस अधिकारी पर झूठी शिकायत निपटाने के बदले 8 लाख रुपये वसूलने का संगीन आरोप है।

कोरमंगला केंद्रीय सदन में लोकायुक्त का सुनियोजित जाल

लोकायुक्त पुलिस इंस्पेक्टर विजया कृष्णा की अगुवाई वाली टीम ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (PC) एक्ट 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7A के तहत यह सफल ट्रैप ऑपरेशन पूरा किया। ट्रैप के दौरान सेंट्रल GST, साउथ डिवीजन-4, A-रेंज (साउथ कमिश्नरेट) में तैनात सुपरिटेंडेंट मोहित प्रताप सिंह को उनके ही दफ्तर के चैंबर में रिश्वत की नकदी स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस आपराधिक गठजोड़ में अधिकारी की मदद कर रहे बिचौलिए सलमान शेख को भी मौके से हिरासत में ले लिया गया है।

झूठी शिकायत रफा-दफा करने का बना रहे थे दबाव

जांच एजेंसी से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित सैयद जमीर के खिलाफ सेंट्रल GST विभाग से जुड़ी एक बेबुनियाद शिकायत दर्ज कराई गई थी। सुपरिटेंडेंट मोहित प्रताप सिंह ने इस झूठी शिकायत की फाइल को हमेशा के लिए बंद करने के एवज में सीधे 8 लाख रुपये की मांग रख दी थी। पीड़ित की शिकायत पर लोकायुक्त ने रणनीति बनाकर जाल बिछाया और जैसे ही रकम की डिलीवरी हुई, टीम ने अधिकारी और दलाल दोनों को धर दबोचा।

धारवाड़ में तहसीलदार की 50 लाख घूसखोरी के बाद दूसरा बड़ा झटका

कर्नाटक में सरकारी अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। इस घटना से ठीक पहले धारवाड़ में लोकायुक्त ने एक तहसीलदार को 50 लाख रुपये की नकद रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उस मामले में 33 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए कुल 1 करोड़ रुपये और 1 एकड़ जमीन की मांग की गई थी, जिसकी पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये लेते वक्त गिरफ्तारी हुई थी। अब बेंगलुरु में जीएसटी सुपरिटेंडेंट की गिरफ्तारी ने केंद्र और राज्य स्तर पर हड़कंप मचा दिया है।