लद्दाख में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कारगिल हिल काउंसिल भंग, 8 साल बाद पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान

लद्दाख में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कारगिल हिल काउंसिल भंग, 8 साल बाद पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में जमीनी स्तर पर प्रशासनिक ढांचे को नया रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देश पर प्रशासन ने लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (LAHDC), कारगिल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह फैसला मुख्य कार्यकारी पार्षद, तीन कार्यकारी पार्षदों और छह अन्य पार्षदों के इस्तीफे के तुरंत बाद सामने आया।

रेवेन्यू कमिश्नर-सेक्रेटरी शूरबीर सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पुराने कारगिल जिले से द्रास, ज़ांस्कर और सांकू जैसे नए जिले बनने के बाद मौजूदा काउंसिल का भौगोलिक और कानूनी स्वरूप अप्रासंगिक हो गया था। अब नए ढांचे के गठन तक प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारू रखने के लिए डिप्टी कमिश्नर-कम-सीईओ को पूरी कमान सौंपी गई है। प्रशासन ने बदले हुए नियमों के तहत 8 ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के लिए 100 सीटों का खाका भी तैयार किया है, जिसमें लेह को 22, कारगिल को 21, सांकू को 13, चांगथांग को 10, नुबरा व शाम को 9-9, ज़ांस्कर को 9 और द्रास को 7 सीटें आवंटित की गई हैं।

इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बीच राज्य निर्वाचन आयुक्त सुधांशु पांडे ने पूरे लद्दाख में बहुप्रतीक्षित पंचायत चुनावों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। केंद्र शासित प्रदेश में आखिरी बार नवंबर 2018 में पंचायत चुनाव कराए गए थे, जिसके चलते आठ साल के लंबे अंतराल के बाद यह मतदान 21 नवंबर को होगा। चुनाव कार्यक्रम के तहत 26 अक्टूबर को औपचारिक अधिसूचना जारी होगी, 2 नवंबर तक नामांकन भरे जाएंगे, 3 नवंबर को जांच होगी, 5 नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे और 30 नवंबर तक पूरी चुनावी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। चुनाव की घोषणा के साथ ही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। आयोग ने सख्त हिदायत दी है कि मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रचार, धार्मिक स्थलों के दुरुपयोग और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर पूर्ण पाबंदी रहेगी, साथ ही सत्ताधारी दल द्वारा सरकारी तंत्र का दुरुपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित होगा ताकि चुनाव पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।