LPG सिलेंडर वालों के लिए बड़ा अलर्ट, सरकार के नए प्लान से बदल जाएगा गैस कनेक्शन
रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार अब देश भर में पाइप के जरिए मिलने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के नेटवर्क को तेजी से हर घर तक पहुंचाने के मिशन पर काम कर रही है।
इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। ये अधिकारी सीधे गैस वितरण और पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों के साथ तालमेल बैठाकर पाइपलाइन की सुविधा वाले हर घर को पीएनजी से जोड़ेंगे।
दोनों गैस कनेक्शन साथ रखने पर लगेगी पाबंदी
नए प्रावधानों के तहत जिन रिहायशी इलाकों में पीएनजी पाइपलाइन नेटवर्क सक्रिय हो चुका है, वहां उपभोक्ता एक साथ एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी दोनों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। नियमों के मुताबिक निर्धारित अवधि में नोटिस जारी होने के बाद भी अगर किसी उपभोक्ता ने पाइप गैस के लिए आवेदन नहीं किया, तो उसकी एलपीजी आपूर्ति रोकी जा सकती है। इस बदलाव को कानूनी रूप देने के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 के अंतर्गत एलपीजी नियंत्रण आदेश तथा प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश 2026 की अधिसूचना जारी की है।
सोसायटियों में लगेंगे विशेष कैंप, बनेगी निगरानी समिति
जमीनी स्तर पर तेजी से काम करने के लिए हर इलाके में पीएनजी समन्वय समिति (PCC) बनाई जाएगी। यह समिति आवासीय सोसायटियों और रिहायशी कॉलोनियों में पात्र घरों को चिह्नित करेगी, जागरूकता अभियान चलाएगी और मौके पर ही कनेक्शन देने के लिए विशेष शिविर आयोजित करेगी। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य खाना पकाने के ईंधन के मामले में आयातित एलपीजी पर निर्भरता को खत्म कर देश की ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाना है।