बारिश में भीग जाए फोन, तो तुरंत करें ये 5 काम; वरना सेकंडों में कबाड़ बन जाएगा महंगा डिवाइस
मानसून का मौसम सुहावना जरूर लगता है, लेकिन आपके स्मार्टफोन के लिए यह किसी बुरे सपने से कम नहीं है। चाहे फोन अचानक तेज बारिश में भीग जाए या गलती से किसी पानी भरे गड्ढे में गिर जाए, ऐसी स्थिति में आपकी तुरंत और सही प्रतिक्रिया ही डिवाइस को बचा सकती है।
ज्यादातर लोग पैनिक होकर फोन को पानी से निकालते ही सबसे पहले उसे चालू (Switch On) करके देखते हैं, या फिर यह चेक करने के लिए सीधे चार्जर से कनेक्ट कर देते हैं कि वह चार्ज हो रहा है या नहीं। तकनीकी रूप से यह सबसे बड़ी भूल है।
गीले फोन को चालू या चार्ज करने से डिवाइस के अंदर शॉर्ट सर्किट हो सकता है और मदरबोर्ड या अन्य संवेदनशील पार्ट्स हमेशा के लिए डैमेज हो सकते हैं।
भीगे हुए फोन को बचाने के लिए तुरंत उठाएं ये 5 कदम
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तुरंत पावर ऑफ करें: फोन के अंदर पानी जाने पर उसे चालू रखने से बचें। अगर फोन ऑन है, तो उसे तुरंत स्विच ऑफ कर दें। कोई भी बटन दबाने या स्क्रीन को बार-बार अनलॉक करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
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चार्जर से भूलकर भी न जोड़ें: 'नमी का पता चला' (Moisture Detected) जैसी चेतावनी को कभी इग्नोर न करें। गीले फोन को चार्जिंग प्लग से जोड़ने पर बैटरी या चार्जिंग पोर्ट जल सकता है। सबसे खराब स्थिति में इससे आग लगने का खतरा भी रहता है। फोन के पूरी तरह सूखने तक उसे चार्ज न करें।
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सिम और मेमोरी कार्ड बाहर निकाल लें: फोन को स्विच ऑफ करने के बाद तुरंत सिम ट्रे, सिम कार्ड और माइक्रोएसडी कार्ड को बाहर निकाल लें। इससे डिवाइस के अंदर हवा जाने का रास्ता बनता है और अंदरूनी नमी जल्दी बाहर निकलती है। सिम ट्रे को तब तक बाहर ही रखें जब तक फोन पूरी तरह से सूख न जाए।
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मुलायम कपड़े से हल्के हाथ से पोंछें: एक साफ और सूखे माइक्रोफाइबर या सूती कपड़े का इस्तेमाल करें। कैमरा लेंस, डिस्प्ले, चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर ग्रिल और बटनों के किनारों को बहुत सावधानी से पोंछें। ध्यान रहे, फोन को जोर से हिलाएं या झटकें नहीं, क्योंकि इससे पानी बाहर आने के बजाय डिवाइस के और अंदर (सर्किट तक) जा सकता है।
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हेयर ड्रायर का इस्तेमाल बिल्कुल न करें: गर्म हवा से फोन सुखाना एक खतरनाक मिथक है। हेयर ड्रायर की गर्मी से फोन के अंदर का एडहेसिव (गोंद) पिघल सकता है, बैटरी खराब हो सकती है या डिस्प्ले टूट सकता है। इसके बजाय फोन को किसी हवादार, ठंडी और सूखी जगह पर प्राकृतिक रूप से कम से कम एक-दो दिन तक सूखने दें।