TMC सांसद नदीमुल हक पर ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली समेत 3 राज्यों में 7 ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद नदीमुल हक के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए तीन राज्यों में एक साथ छापेमारी शुरू कर दी है। सोमवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी ने सांसद से जुड़े 7 प्रमुख ठिकानों पर दबिश दी। ये पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा पश्चिम बंगाल के कोलकाता और झारखंड के रांची शहर में जारी है। जांच एजेंसी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और अवैध फंडिंग से जुड़े सूत्रों की गहराई से पड़ताल कर रही है।
उर्दू दैनिक अखबार और संदिग्ध फंडिंग का पूरा मामला
केंद्रीय एजेंसी की यह कार्रवाई अखबार-ए-मशरीक प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े प्रकरण में की जा रही है। यह एक प्रमुख उर्दू दैनिक समाचार पत्र है, जिसमें सांसद नदीमुल हक निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तलाशी अभियान शुरू किया। जांच अधिकारियों के अनुसार, संस्थान पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाली सामग्री प्रकाशित करने के साथ-साथ अज्ञात व संदिग्ध स्रोतों से बेहिसाब नकदी जुटाने और हवाला के जरिए लेनदेन करने के गंभीर आरोप हैं।
दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय पर भी पहुंची टीम
तलाशी अभियान के दायरे में दिल्ली स्थित 61 साउथ एवेन्यू का परिसर भी आया है, जहां ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक कामकाज संचालित किया जा रहा था। पार्टी के आंतरिक घटनाक्रम और सांसद पार्थ भौमिक के बागी रुख के बाद टीएमसी ने दिल्ली का दफ्तर नदीमुल हक के आवास पर स्थानांतरित कर दिया था। सोमवार को केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों का दल वहां भी पहुंचा, जिससे सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई।
पत्रकार से सांसद तक का सियासी सफर
20 सितंबर 1969 को जन्मे नदीमुल हक राजनीति में आने से पहले लंबे समय तक पत्रकारिता और कारोबार से जुड़े रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के पुराने और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने वाले हक राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना तीसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। फिलहाल ईडी की टीमें सभी 7 परिसरों में मौजूद दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और बैंक लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही हैं।