1 अक्टूबर से LPG सिलेंडर बुकिंग पर नया नियम: बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन हुआ अनिवार्य, जानें सब्सिडी और रेट का पूरा गणित

1 अक्टूबर से LPG सिलेंडर बुकिंग पर नया नियम: बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन हुआ अनिवार्य, जानें सब्सिडी और रेट का पूरा गणित

त्योहारी सीजन के मुहाने पर खड़े देश के करोड़ों एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से रसोई गैस से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (BAA) यानी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, राजधानी दिल्ली में वर्तमान समय में 14.2 किलोग्राम वाले बिना सब्सिडी वाले घरेलू इंडेन सिलेंडर का भाव 942 रुपये पर स्थिर बना हुआ है। हालांकि 1 अक्टूबर को तेल कंपनियां मासिक समीक्षा के तहत एलपीजी के नए रेट जारी करेंगी, लेकिन इससे पहले उपभोक्ताओं के लिए अपने गैस कनेक्शन का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराना बेहद जरूरी हो गया है।

1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य, कैसे और कहां कराएं प्रक्रिया

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में घरेलू एलपीजी के कुल 27.43 करोड़ सक्रिय उपभोक्ताओं में से लगभग 89.9 फीसदी ग्राहक पहले ही बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा कुछ करने की आवश्यकता नहीं होगी और वे सामान्य तरीके से अपना सिलेंडर बुक करा सकेंगे।

वहीं जिन ग्राहकों की यह प्रक्रिया अभी बाकी है, उन्हें सब्सिडी का लाभ लेने के लिए पहले बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करना होगा। राहत की बात यह है कि यह प्रक्रिया गैस सिलेंडर की डिलीवरी करने वाले हॉकर या डिलीवरी एजेंट के जरिए घर पर ही ऑयल मार्केटिंग कंपनी के मोबाइल ऐप से पूरी की जा सकती है। इसके अलावा उपभोक्ता अपने नजदीकी एलपीजी वितरक (गैस एजेंसी) के दफ्तर जाकर भी इसे करवा सकते हैं।

मोबाइल ऐप से खुद e-KYC करने का आसान तरीका

यदि आप गैस एजेंसी के चक्कर नहीं काटना चाहते, तो घर बैठे स्मार्टफोन से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इंडेन (Indane) के उपभोक्ता: IndianOil ONE ऐप का उपयोग कर ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। भारत गैस (Bharat Gas) के उपभोक्ता: HelloBPCL ऐप के जरिए अपना प्रमाणीकरण करा सकते हैं। एचपी गैस (HP Gas) के उपभोक्ता: HP PAY मोबाइल ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं।

सरकार e-KYC क्यों करा रही है और सब्सिडी पर क्या पड़ेगा असर?

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू करने का मुख्य उद्देश्य सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है। इसके जरिए फर्जी व डुप्लीकेट कनेक्शन को रद्द करने के साथ-साथ घरेलू एलपीजी सिलेंडर के व्यावसायिक दुरुपयोग पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकेगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर महीने में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर पर प्रभावी सरकारी सब्सिडी लगभग 210 रुपये रही, जबकि जून महीने में यह सब्सिडी करीब 721 रुपये दर्ज की गई थी। नए नियमों के मुताबिक, जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहते या नहीं करा पा रहे हैं, उनकी गैस आपूर्ति रोकी नहीं जाएगी। उन्हें सिलेंडर बिना रुकावट मिलता रहेगा, लेकिन उनके बैंक खाते में आने वाली सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को कंपनी के डिजिटल पोर्टल, मोबाइल ऐप, वॉट्सऐप चैटबॉट या आईवीआरएस (IVRS) के माध्यम से बिना सब्सिडी सिलेंडर लेने का विकल्प चुनना होगा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और अरब गल्फ बेंचमार्क: कैसे तय होते हैं एलपीजी के दाम

भारत में घरेलू गैस सिलेंडरों के मूल्य निर्धारण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अरब गल्फ (Arab Gulf) बेंचमार्क की अहम भूमिका होती है। इंडियन ऑयल के मुताबिक, वैश्विक बाजार में एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर के औसत आधार पर तेल कंपनियां कीमतें तय करती हैं। हालांकि घरेलू रसोई गैस के दाम पूरी तरह अनियंत्रित बाजार पर निर्भर नहीं रहते। आम जनता को महंगाई के झटके से बचाने के लिए केंद्र सरकार जरूरत पड़ने पर कंपनियों को निर्देश देकर घरेलू कीमतों को स्थिर रखती है। जैसा कि मई 2026 में देखने को मिला था, जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलो सिलेंडर की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी।

2014 से 2026 का सफर: 490 रुपये से 942 रुपये तक ऐसे पहुंची गैस की कीमत

पिछले 12 वर्षों के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कई बड़े उतार-चढ़ाव दर्ज किए गए। मई 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद संभाला था, तब दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की दर 928.50 रुपये थी। इसके बाद अक्टूबर 2014 में यह 880 रुपये, अक्टूबर 2015 में 517.50 रुपये और अक्टूबर 2016 में घटकर अपने निचले स्तर महज 490 रुपये पर आ गई थी। इसके बाद वैश्विक और घरेलू बाजार के प्रभाव से कीमतों ने फिर रफ्तार पकड़ी। अक्टूबर 2017 में दरें 649 रुपये और अक्टूबर 2018 में बढ़कर 879 रुपये पहुंच गईं, जबकि अक्टूबर 2019 में राहत के साथ दाम 605 रुपये रहे।

अक्टूबर 2020 में दिल्ली में सिलेंडर का भाव 594 रुपये था, जो अक्टूबर 2021 में बढ़कर 899.50 रुपये तक पहुंच गया। 6 जुलाई 2022 को दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 1,053 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद 30 अगस्त 2023 को केंद्र सरकार द्वारा दी गई राहत के बाद कीमत 903 रुपये हो गई, जो अक्टूबर 2022 और 2023 में स्थिर रही। मार्च 2024 में कीमतें और घटकर 803 रुपये हुईं। इसके बाद 8 अप्रैल 2025 को दिल्ली में इंडेन सिलेंडर की कीमत 853 रुपये रही, जो अक्टूबर 2025 तक बरकरार रही। इसके उपरांत 7 मार्च 2026 को दरें बढ़कर 913 रुपये और 7 जून 2026 को 942 रुपये पर पहुंचीं, जो 29 सितंबर 2026 तक इसी स्तर पर कायम हैं।