J&K में 'हॉर्स ट्रेडिंग' पर आर-पार: उमर अब्दुल्ला का BJP पर 30 करोड़ के ऑफर का आरोप, पलटवार में मानहानि की चेतावनी

J&K में 'हॉर्स ट्रेडिंग' पर आर-पार: उमर अब्दुल्ला का BJP पर 30 करोड़ के ऑफर का आरोप, पलटवार में मानहानि की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर की सियासत में शनिवार को उस वक्त भूचाल आ गया, जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों को पैसे और पद का लालच देकर सरकार गिराने की साजिश रचने का सीधा आरोप लगाया। एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा से जुड़े एक रसूखदार वकील के जरिए उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। इस तीखे बयान के बाद प्रदेश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है।

"30 करोड़ और मंत्री पद का मिला ऑफर"— मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सार्वजनिक मंच से भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस को भीतर से तोड़ने की पुरजोर कोशिशें की जा रही हैं। जब पैसे और मंत्री पद के लालच से बात नहीं बनी, तो भाजपा अब मेरे विधायकों से पिछले दरवाजे से कह रही है—'हमारे साथ आओ, हम तुम्हें जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दे देंगे।'”

मुख्यमंत्री ने आगे खुलासा किया, “ईश्वर गवाह है कि जम्मू के ही हमारे एक विधायक ने मुझे खुद बताया कि भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं, ने उन्हें पाला बदलने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपये, एक कैबिनेट मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल कराने का गुप्त प्रस्ताव दिया था। भाजपा को लगता है कि जनता का विश्वास इतना कमजोर है जिसे खरीदा जा सकता है।”

भाजपा का तीखा पलटवार: "सबूत दें या सार्वजनिक रूप से माफी मांगें"

मुख्यमंत्री के इन सनसनीखेज दावों पर प्रतिक्रिया देने में भारतीय जनता पार्टी ने भी देर नहीं की। भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और विधायक आर.एस. पठानिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उमर अब्दुल्ला के इन आरोपों को पूरी तरह "बेबुनियाद और मनगढ़ंत" करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि वे अपनी सरकार की प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।

पठानिया ने मांग की, "अगर मुख्यमंत्री के आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई है, तो उन्हें तुरंत उन विधायकों के नामों का खुलासा करना चाहिए जिन्हें यह ऑफर मिला। साथ ही उस कथित भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील की पहचान उजागर करें और बताएं कि यह डील कब और किस जगह तय हो रही थी?"

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