जानें कैसे दुनिया के सबसे संकरे समुद्री रास्ते की नाकेबंदी करता है IRGC, क्या है इसका खतरनाक सिस्टम
मिडल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है क्योंकि बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के कई देशों तक पहुंचता है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि यह फैसला क्षेत्र में बढ़ती अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और हवाई हमलों के जवाब में लिया गया है। तनाव तब और बढ़ गया जब नियमों का पालन नहीं करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय जहाज पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की गई। इसके तुरंत बाद पूरे समुद्री मार्ग पर नाकेबंदी लागू कर दी गई।
भौगोलिक स्थिति देती है ईरान को बढ़त
होर्मुज जलडमरूमध्य काफी संकरा समुद्री रास्ता है। इसी वजह से ईरान यहां अपनी भौगोलिक स्थिति का पूरा फायदा उठाता है। बड़े युद्धपोतों की जगह IRGC की नौसेना तेज रफ्तार स्पीड बोट और छोटे हथियारबंद जहाजों का इस्तेमाल करती है।
ये नावें लगातार समुद्र में गश्त करती हैं और जरूरत पड़ने पर किसी भी तेल टैंकर या मालवाहक जहाज को कुछ ही समय में चारों तरफ से घेर सकती हैं। इसके साथ तटीय इलाकों में तैनात एंटी-शिप मिसाइलें और ड्रोन समुद्री निगरानी को और मजबूत बनाते हैं।
नियम तोड़ने वाले जहाजों पर तुरंत कार्रवाई
इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले सभी व्यापारिक जहाजों को ईरान के तय नियमों का पालन करना पड़ता है। यदि कोई जहाज बिना अनुमति आगे बढ़ता है या चेतावनी को नजरअंदाज करता है तो IRGC की टीम तुरंत कार्रवाई कर सकती है। इसमें गोलीबारी या ड्रोन का इस्तेमाल भी शामिल है।
जो जहाज अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद कर देते हैं उन्हें भी संदिग्ध माना जाता है। ऐसे मामलों में नौसेना तुरंत जांच शुरू करती है।
संदिग्ध जहाजों की जांच कैसे होती है
ईरान केवल समुद्र में निगरानी ही नहीं करता बल्कि संदिग्ध जहाजों की जांच के लिए एक तय प्रक्रिया भी अपनाता है।
सबसे पहले विशेष कमांडो हेलीकॉप्टर या तेज रफ्तार नौकाओं के जरिए जहाज तक पहुंचते हैं। इसके बाद जहाज के दस्तावेज, कार्गो और यात्रा से जुड़ी जानकारी की जांच की जाती है।
अगर जांच में पता चलता है कि जहाज किसी प्रतिबंधित देश के व्यापार से जुड़ा है या नियमों के खिलाफ सामान ले जा रहा है तो उसे जब्त कर ईरान के बंदरगाहों जैसे बंदर अब्बास ले जाया जाता है।
समुद्र के नीचे माइंस और ऊपर ड्रोन का सुरक्षा घेरा
ईरान अपनी रक्षा रणनीति में असममित युद्ध तकनीक का भी उपयोग करता है। इसके तहत समुद्र के भीतर बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं ताकि बड़े युद्धपोतों की आवाजाही मुश्किल हो सके।
इसके अलावा सुसाइड ड्रोन और मिसाइल से लैस स्पीड बोट लगातार निगरानी करती हैं। समुद्र के नीचे मौजूद माइंस और ऊपर सक्रिय ड्रोन मिलकर ऐसा सुरक्षा घेरा बनाते हैं जिससे बिना ईरान की अनुमति किसी भी जहाज का सुरक्षित गुजरना बेहद कठिन हो सकता है।
वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
होर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन बड़ी मात्रा में तेल और अन्य जरूरी सामान दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की नाकेबंदी का असर केवल मिडल ईस्ट तक सीमित नहीं रहता। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई में देरी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर दबाव जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।