PM मोदी का इंस्टाग्राम पर महारिकॉर्ड: पेपर लीक पर बने रील को 24 घंटे में मिले 303 मिलियन व्यूज, स्पीड का रिकॉर्ड टूटा
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ केंद्र सरकार की तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक नया वैश्विक इतिहास रच दिया है। पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधारों को लेकर पीएम मोदी द्वारा पोस्ट किए गए एक इंस्टाग्राम रील वीडियो ने महज 24 घंटे के भीतर 303 मिलियन (30.3 करोड़) व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है। इस शानदार आंकड़े के साथ ही यह वीडियो इंस्टाग्राम के पूरे इतिहास में 24 घंटे में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला रील बन गया है।
आईशोस्पीड और बीटीएस का रिकॉर्ड ध्वस्त: 1.6 करोड़ लाइक और 10 लाख नए फॉलोअर्स
गुरुवार रात को शेयर किए गए इस वीडियो ने वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय यूट्यूबर आईशोस्पीड (IShowSpeed) के 300 मिलियन व्यूज के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जो उन्होंने फीफा विश्व कप के दौरान बीटीएस (BTS) के साथ मुलाकात के वीडियो पर बनाया था।
पीएम मोदी के इस रील को न केवल 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया, बल्कि इस पर 1.6 करोड़ (16 मिलियन) से अधिक लाइक और 15 लाख से ज्यादा कमेंट्स दर्ज किए गए। इस रिकॉर्डतोड़ जुड़ाव का नतीजा यह रहा कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से रातोंरात करीब 10 लाख (1 मिलियन) नए फॉलोअर्स जुड़ गए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून: कैबिनेट बैठक में मसौदा विधेयक पर चर्चा
यह रिकॉर्डतोड़ सफलता ऐसे समय में आई है जब नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। गुरुवार को जारी स्व-रिकॉर्डेड वीडियो में प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि सरकार पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए 'फास्ट ट्रैक कोर्ट' स्थापित करने जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे सख्त मसौदा विधेयक पर विचार कर रहा है जिसमें अपराधियों के लिए कठोरतम दंड का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का दर्द सरकार भली-भांति समझती है, इसलिए बीते ढाई महीनों में दोषियों को जेल भेजने के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए कई निर्णायक कदम उठाए गए हैं।
'छात्रों का साल बचाना प्राथमिकता': 22 लाख परीक्षार्थियों के लिए कम समय में परीक्षा
वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे प्राथमिक जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी छात्र का बहुमूल्य वर्ष बर्बाद न हो। यही वजह रही कि सरकार ने पूरी ताकत लगाकर लगभग 22 लाख छात्रों के लिए न्यूनतम समय में परीक्षाएं दोबारा आयोजित कराईं और महज कुछ ही दिनों के भीतर (19 तारीख को) परिणाम भी घोषित कर दिए।
विपक्ष द्वारा संसद के मानसून सत्र में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सदन में विस्तृत चर्चा की मांगों के बीच प्रधानमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
युवाओं के 'ज्ञानवर्धक सुझावों' के लिए पीएम ने जताया आभार
शुक्रवार रात साझा किए गए अपने दूसरे वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहले वीडियो पर युवाओं द्वारा दिए गए सकारात्मक सुझाव और प्रतिक्रियाएं बेहद ज्ञानवर्धक हैं।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, "कल देर रात मुझे आप सभी से संवाद करने का अवसर मिला। आपकी प्रतिक्रियाओं और अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद। आपका यह प्यार हमारे रिश्ते को और अधिक मजबूत और सक्रिय बनाता है।"