44 सेकंड में दागता है 12 रॉकेट, पिनाका को खरीदने के लिए मची एक दर्जन देशों में होड़

44 सेकंड में दागता है 12 रॉकेट, पिनाका को खरीदने के लिए मची एक दर्जन देशों में होड़

रक्षा क्षेत्र (Defense Sector) में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की गूंज अब पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने वाले स्वदेशी हथियारों का लोहा अब विदेशी सेनाएं भी मान रही हैं। इसका सबसे ताजा और बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है भारत का खतरनाक मल्टिपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम 'पिनाका' (Pinaka Weapon System)। अपनी अचूक मारक क्षमता और पलक झपकते ही दुश्मन को नेस्तनाबूद करने की खूबी के कारण इस समय दुनिया भर के देशों में पिनाका को खरीदने की होड़ मच गई है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, लगभग एक दर्जन (12 से अधिक) देश भारत से इस एडवांस रॉकेट सिस्टम को इम्पोर्ट करने के लिए कतार में खड़े हैं, जो भारतीय डिफेंस एक्सपोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

44 सेकंड का महाकाल: पलक झपकते ही तबाही लाता है पिनाका

पिनाका रॉकेट सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी आक्रामक स्पीड और मारक क्षमता है। यह खतरनाक सिस्टम महज 44 सेकंड के भीतर एक साथ 12 गाइडेड या अनगाइडेड रॉकेट दागने की ताकत रखता है। दुश्मन के ठिकानों, बंकरों और सैन्य काफिले को संभलने का मौका दिए बिना यह पूरा इलाका तबाह कर सकता है। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) द्वारा पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया यह सिस्टम हर मौसम में और बेहद दुर्गम इलाकों (जैसे लद्दाख या रेगिस्तानी क्षेत्रों) में भी अचूक निशाना लगाने में सक्षम है, जिसके कारण यह ग्लोबल मार्केट में हॉट केक बना हुआ है।

एक दर्जन देशों में मची होड़, आर्मेनिया के बाद कई देश रेस में शामिल

ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स और युद्ध के बदलते तरीकों के बीच कई देश अपनी आर्टिलरी (तोपखाने) को मजबूत करना चाहते हैं। भारत पहले ही आर्मेनिया (Armenia) को पिनाका रॉकेट सिस्टम का सफल एक्सपोर्ट कर चुका है, जहां युद्ध के मैदान में इसके प्रदर्शन को काफी सराहा गया। आर्मेनिया की सफलता को देखते हुए अब मध्य पूर्व (Middle East), अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप के लगभग 12 देशों ने भारत के रक्षा मंत्रालय से पिनाका खरीदने की इच्छा जताई है। यह सिस्टम न केवल अमेरिकी या रूसी सिस्टम के मुकाबले बेहद किफायती (Cost-Effective) है, बल्कि इसकी टेक्नोलॉजी और मेंटेनेंस भी बेहद आधुनिक है।

Generative AI और मॉडर्न वॉरफेयर के लिए क्यों बेस्ट है पिनाका?

आधुनिक सैन्य रणनीतियों और एआई-संचालित (AI-Driven) डिफेंस ऑपरेशन्स के इस दौर में पिनाका सिस्टम को आसानी से आधुनिक राडार, ड्रोन और जनरेटिव कॉम्बैट नेटवर्क्स के साथ इंटीग्रेट किया जा सकता है। इसके गाइडेड वर्जन की रेंज 70 से 90 किलोमीटर तक है, जो बेहद सटीक निशाने (Precision Strike) के लिए जानी जाती है। विदेशी खरीदारों के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट यह है कि भारत बिना किसी कड़े राजनीतिक प्रतिबंधों के इस भरोसेमंद तकनीक को ट्रांसफर और सप्लाई करने की क्षमता रखता है, जिससे वैश्विक मंच पर भारत एक बड़े और विश्वसनीय ग्लोबल डिफेंस हब के रूप में स्थापित हो रहा है।

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