बीमारी और कोविड के नाम पर 3 बेबस महिलाओं का कत्ल! 4 साल बाद आंगन की खुदाई में मिला कंकाल
गुजरात के सूरत जिले के कोसांबा से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक दंपती ने बीमारी और कोरोना महामारी की आड़ में अपने ही घर की तीन बेबस महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया। करीब चार साल तक इस जघन्य हत्याकांड को बीमारी से हुई 'सामान्य मौत' बताकर छिपाए रखा गया, लेकिन पति-पत्नी के बीच हुए एक विवाद ने इस खौफनाक राज से पर्दा उठा दिया। पुलिस ने आरोपी माधवदास साधु के घर के आंगन से आठ फीट गहरे गड्ढे की खुदाई कर बुजुर्ग महिला का कंकाल बरामद किया है, जिसे ड्रम में बंद कर सीमेंट-कंक्रीट से जमाया गया था। पुलिस ने आरोपी पति माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी हत्याएं साल 2022 के दौरान सिलसिलेवार तरीके से की गई थीं। माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला ने सबसे पहले उर्मिला की बहन भारती उर्फ भगवती को निशाना बनाया। भगवती लंबे समय से टीबी (तपेदिक) से पीड़ित थी और माधवदास उसके इलाज पर होने वाले भारी खर्च से छुटकारा पाना चाहता था। एक दिन दोनों ने मिलकर तकिए से मुंह दबाकर भगवती की हत्या कर दी और शव को सावा गांव के पास एक श्मशान घाट में गहरा गड्ढा खोदकर चुपचाप दफना दिया।
इसके कुछ ही समय बाद, आरोपी दंपती ने माधवदास की अपनी मां मंजुला साधु को भी उसी बेरहमी से मार डाला। लकवे (स्ट्रोक) से जूझ रहीं बुजुर्ग मंजुला की भी तकिए से दम घोंटकर हत्या कर दी गई और रिश्तेदारों व पड़ोसियों के सामने यह झूठी कहानी गढ़ी गई कि बीमारी के चलते उनकी स्वाभाविक मौत हुई है। दोनों के हौसले इतने बढ़ गए कि उन्होंने उर्मिला की बुजुर्ग दादी शांताबेन वसावा की भी तकिए से गला दबाकर जान ले ली। शांताबेन की मौत को कोविड-19 महामारी से हुई मौत का रूप दिया गया। सबूत पूरी तरह मिटाने के लिए माधवदास ने शांताबेन के शव को एक बड़े प्लास्टिक के ड्रम में ठूंसा और उसमें सीमेंट-कंक्रीट का गीला घोल उड़ेल दिया। जब सीमेंट पूरी तरह पत्थर बन गया, तो उसने घर के आंगन में आठ फीट गहरा गड्ढा खोदकर उस ड्रम को दफन कर दिया ताकि बदबू या सुराग का कोई अंदेशा न रहे।
चार साल तक यह सनसनीखेज सच जमीन के नीचे दबा रहा, लेकिन हाल ही में माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला के बीच किसी बात को लेकर तीखा झगड़ा हो गया। गुस्से और बदले की आग में माधवदास सीधे अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंच गया और शांताबेन की हत्या का पूरा ठीकरा पत्नी उर्मिला पर फोड़ते हुए उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, अनुभवी पुलिस अधिकारियों को उसकी बातों पर संदेह हुआ। जब क्राइम ब्रांच ने माधवदास से सख्ती और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो उसकी बनाई झूठी कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। उसने न सिर्फ शांताबेन बल्कि अपनी मां और साली की हत्या की बात भी कबूल कर ली, जिसके बाद सूरत ग्रामीण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आंगन की खुदाई कराई और दोनों को तुरंत हिरासत में ले लिया।