उज्जैन चर्चित गोरकर बंधु दोहरा हत्याकांड: एनकाउंटर के बाद दबोचे गए 2 मुख्य आरोपी
धार्मिक नगरी उज्जैन को दहला देने वाले सनसनीखेज गोरकर बंधु दोहरे हत्याकांड में खाकी को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नीलगंगा पुलिस स्टेशन और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने करोहन गांव के पास एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।
पुलिस की घेराबंदी तोड़कर भागने और जानलेवा हमला करने के दौरान आत्मरक्षा में चलाई गई गोलियों से दोनों आरोपियों के पैरों में चोट आई है, जिसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
करोहन गांव के पास मुठभेड़, सोनू पासी और विजय सूर्यवंशी गिरफ्तार
शनिवार को पुलिस और साइबर सेल को खुफिया सूचना मिली थी कि नीलगंगा चौराहे पर हुए दोहरे हत्याकांड के नामजद आरोपी करोहन गांव के आसपास के इलाके में छिपे हुए हैं। इनपुट के आधार पर जब पुलिस टीम ने संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी, तो खुद को घिरता देख आरोपी सोनू पासी और विजय सूर्यवंशी ने पुलिस बल पर अचानक हमला बोल दिया और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने दोनों को तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए उज्जैन जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां पुलिस पहरे के बीच उनका उपचार चल रहा है।
18 जुलाई की रात नीलगंगा चौराहे पर क्या हुआ था?
यह खूनी संघर्ष 18 जुलाई की रात उस वक्त हुआ था जब उज्जैन के व्यस्त नीलगंगा चौराहे के पास गोरकर और पासी गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस दौरान अंधाधुंध हमला किया गया, जिसमें स्थानीय भाजपा नेता दिलीप राव गोरकर के दो सगे भतीजों लोकेश गोरकर और जय गोरकर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हमले में लोकेश की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल जय ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस जानलेवा हमले में बीजेपी नेता दिलीप राव गोरकर और उनके बेटे तपन गोरकर समेत कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया था।
होली के विवाद से उपजी पुरानी रंजिश ने लिया खूनी रूप
पुलिस जांच के अनुसार, गोरकर और पासी परिवारों के बीच यह हिंसक टकराव कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पुरानी रंजिश की आग धधक रही थी। इस खूनी दुश्मनी की शुरुआत होली के त्योहार के दौरान एक महिला से जुड़े विवाद को लेकर हुई थी। उस विवाद के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनातनी चल रही थी, जिसने 18 जुलाई की रात भीषण गैंगवार का रूप ले लिया और गोलियां चलने से दो सगे भाइयों की जान चली गई।
कुख्यात रोशन पासी की तलाश में दबिश जारी
इस जघन्य हत्याकांड के बाद पुलिस प्रशासन ने एक्शन लेते हुए कई आरोपियों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और बलवे की गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए थे। पुलिस पहले भी इस मामले से जुड़े कई आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है और अब सोनू पासी तथा विजय सूर्यवंशी की गिरफ्तारी से पुलिस की पकड़ मजबूत हुई है। हालांकि, मामले का एक अन्य कुख्यात अपराधी रोशन पासी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की विशेष टीमें फरार रोशन पासी के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।