उज्जैन में 636 साल पुरानी शाही मस्जिद को लेकर क्यों गरमाया मामला, सामने आई पूरी कहानी
धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक सिंहस्थ महाकुंभ की महा-तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की मुहिम जारी है। शहर के व्यस्ततम इलाके में आवागमन सुगम बनाने के लिए सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है, जिसकी जद (अलाइनमेंट) में आ रही ऐतिहासिक शाही मस्जिद का पहला हिस्सा 3.5 फीट और दूसरा हिस्सा 8 फीट हटना तय हुआ है, जबकि मस्जिद का मुख्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
मस्जिद की 120 फीट ऊंची बड़ी मीनार को तोड़ा नहीं जाएगा, बल्कि उसे आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से दूसरी ओर शिफ्ट किया जाएगा, वहीं प्रभावित दुकानों को प्रशासन द्वारा दूसरी जगह विस्थापित किया जाएगा। जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए औपचारिक समझौते के तहत मुस्लिम समाज के लोग स्वयं ही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने पर सहमत हुए थे।
हालांकि, बीते कल कार्रवाई के दौरान सोशल मीडिया पर फैली अफवाह के बाद भड़के उपद्रव पर पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए आठ एफआईआर दर्ज की हैं, 15 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, पांच भड़काऊ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर केस दर्ज कर 100 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट हटवाए हैं।
हाई कोर्ट से याचिका खारिज, लोकहित और सिंहस्थ सुरक्षा को मिली प्राथमिकता
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने 9 सितंबर को शाही मस्जिद के संबंध में दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई को हरी झंडी दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि व्यापक लोकहित, आम नागरिकों की सुरक्षा और सिंहस्थ कुंभ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं का सुगम यातायात प्रबंधन सर्वोपरि है।
अदालत ने पाया कि इसी 15 मीटर चौड़ीकरण परियोजना में पहले ही 10 मंदिरों और एक अन्य मस्जिद के आगे आए हिस्सों को हटाया जा चुका है तथा उज्जैन भर में करीब 80 धार्मिक ढांचों पर निष्पक्ष कार्रवाई हुई है। हाई कोर्ट ने प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच 3 फीट जगह व दुकानों को हटाने पर बनी आपसी सहमति के आधार पर मामले का विधिवत निपटारा कर दिया था।
सोशल मीडिया पर बुलडोजर की झूठी अफवाह, अचानक जुटे हजारों और पथराव
उज्जैन में रविवार 27 सितंबर 2026 की रात प्रशासनिक बैठक में मस्जिद पक्ष खुद ही प्रभावित हिस्सा हटाने पर राजी हुआ था। सोमवार सुबह तक माहौल पूरी तरह शांत था और मस्जिद कमेटी के लोग खुद ही निर्माण को हटा रहे थे। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक भ्रामक वीडियो वायरल कर यह अफवाह फैलाई गई कि प्रशासन जामा मस्जिद को पूरी तरह जमींदोज करने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंच चुका है।
इस अफवाह के फैलते ही छतरी चौक पर हजारों लोगों की अनियंत्रित भीड़ जमा हो गई और उसने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर उपद्रवियों ने भारी पथराव शुरू कर दिया, जिसमें महिला थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ में शामिल महिलाओं ने भी बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की। बेकाबू हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ दिया।
636 साल पुरानी है दिलावर खान गोरी के दौर की शाही मस्जिद
छतरी चौक और कंठाल क्षेत्र में स्थित यह ऐतिहासिक मस्जिद गोपाल मंदिर, कंठाल चौराहा, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है। नगर निगम के नक्शों के मुताबिक मस्जिद का 9 से 11 फीट चौड़ा अगला हिस्सा सड़क की सीमा में आ रहा था, जिससे जमात खाना, मजहर चौक और मीनार का कुछ भाग प्रभावित हो रहा था।
मस्जिद प्रबंधन और इमाम मोहम्मद इब्राहिम के अनुसार इसका निर्माण करीब 1390 ईस्वी में मालवा के पहले स्वतंत्र शासक दिलावर खान गोरी के शासनकाल में हुआ था, जिससे यह लगभग 636 वर्ष पुरानी सल्तनत कालीन वास्तुकला की धरोहर मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से मालवा के हुक्मरान और उनका काफिला यहां जुमे व त्योहारों की नमाज अदा करने आते थे, जिसके कारण इसे 'शाही मस्जिद' का नाम मिला। सिंहस्थ के दौरान शाही सवारी और अखाड़ों की पेशवाई इसी मार्ग से निकलती है, जिसके कारण 15 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण बेहद अनिवार्य है।
गिरिराज सिंह, असदुद्दीन ओवैसी और अखिलेश यादव के तीखे सियासी बयान
शाही मस्जिद के मुद्दे ने देश भर में राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उज्जैन का बवाल सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की सोची-समझी साजिश है; जब विकास के लिए हिंदुओं ने अपने मंदिरों को हटाए जाने पर परिपक्वता दिखाई, तो वैध कानूनी कार्रवाई पर हिंसा भड़काना गलत मंशा को दर्शाता है।
उधर, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वे विरोध करने वाली जनता को सलाम करते हैं और वक्फ संशोधन कानून के जरिए धार्मिक संपत्तियों को छीने जाने की जो आशंका उन्होंने संसद में जताई थी, वह जमीन पर सच साबित हो रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि मुस्लिम समाज धैर्य रखे, अधिकार छीनने वालों को देश का संविधान सजा देगा, साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा अवैध इमारतें सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के पास हैं।
भारी छावनी में तब्दील छतरी चौक: 2500 जवान तैनात, शहर काजी ने की शांति की अपील
हिंसा की घटना के बाद पूरे इलाके को अभेद्य सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के 2,500 से अधिक जवान छतरी चौक और कंठाल क्षेत्र में तैनात हैं, जबकि जिले के कलेक्टर (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौके पर कैंप कर पल-पल की निगरानी कर रहे हैं।
बिना पहचान पत्र के किसी को भी क्षेत्र में प्रवेश या निकास की अनुमति नहीं दी जा रही है। शहर काजी खलीक उर रहमान ने वीडियो संदेश जारी कर अवाम से अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न देने और घरों में शांति बनाए रखने की अपील की है।
समझौते के तहत सड़क के लिए केवल 3 फीट का आवश्यक भाग समाज द्वारा ही व्यवस्थित ढंग से हटाया जा रहा है, मीनार को शिफ्ट किया जाएगा, विस्थापित दुकानों को वैकल्पिक भूमि मिलेगी और मस्जिद प्रबंधन को नियमानुसार FAR तथा TDR के अधिकार दिए जाएंगे। वर्तमान में उज्जैन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।