बदल गया नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम, रेलमंत्री ने वीडियो लिंक से किया लोकार्पण

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को वीडियो लिंक के माध्यम से नौगढ़ रेलवे स्टेशन का सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन में परिवर्तित नाम का लोकार्पण किया

नई दिल्ली, 05 अक्टूबर यूपी किरण। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को वीडियो लिंक के माध्यम से नौगढ़ रेलवे स्टेशन का सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन में परिवर्तित नाम का लोकार्पण किया।

 इस अवसर पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि नौगढ़ के समीप लुम्बिनी में महात्मा बुद्ध का जन्म होने एवं इस क्षेत्र से उनके जीवन घटनाओं से जुड़े होने के कारण जन-आकांक्षाओं को देखते हुए नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम सिद्धार्थनगर रखा गया। उन्होंने कहा कि यहां बौद्ध तीर्थयात्री काफी संख्या में लुम्बनी के लिए आते है। इस क्षेत्र को यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया है।
 उन्होंने कहा कि खलीलाबाद से बहराइच वाया डुमरियागंज-उतरौला-बलरामपुर-श्रावस्ती 240 किमी. लम्बी नई रेल लाइन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के पूरा होने से सन्त कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच एवं गोण्डा जनपदों के विकास में तेजी आएगी।
 गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले छः वर्षों में 460 किमी. नई रेल लाइन निर्माण, 531 किमी. दोहरीकरण तथा 489 किमी. आमान परिवर्तन का कार्य पूरा किया गया। इसी प्रकार 4682 किमी. रेलपथ का विद्युतीकरण भी पूरा किया गया। इससे रेल गाड़ियों को तेज गति से चलाया जा सकेगा तथा पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा। अनारक्षित समपारों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकनेे के लिए उत्तर प्रदेश में सभी 1404 अनारक्षित समपारों को समाप्त किया गया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले छः वर्षों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए 10 हजार 6 सौ करोड़ रुपये का आवंटन किया जो उससे पूर्व के वर्षों से लगभग नौगुना अधिक है। रेल मंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिये देशव्यापी लाॅकडाउन के कारण यात्री गाड़ियों का संचलन बन्द करना पड़ा, परन्तु देश में खाद्य एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति के लिये मालगाड़ियों एवं पार्सल गाड़ियों का संचालन निर्बाध रूप से जारी रहा, जिससे लोगों तक आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति हो सकी तथा बिजली घरों को कोयला पहुंचा सका। प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिये श्रमिक विशेषगाड़ियों का संचालन आरम्भ किया गया।
 गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुल 1661 श्रमिक विशेषगाड़ियां आईं, जिनके माध्यम से लगभग 22 लाख 40 हजार यात्री यहां आये। उत्तर प्रदेश से भी 191 श्रमिक विशेषगाड़ियों के माध्यम से 2 लाख 50 हजार यात्री विभिन्न राज्यों को भेजे गये। उत्तर प्रदेश में 270 रेल कोच को कोविड केयर कोच में परिवर्तित कर विभिन्न स्टेशनोंपर रखा गया है। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे चिकित्सालय में 6 कोविड लेवल-। एवं 5 लेवल-2 का वार्ड बनाकर कोविड मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 67 रेल परियोजनाओं में यहां आये प्रवासी श्रमिकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि माल लदान में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। सितम्बर, 2020 में लोडिंग पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 80 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि माडर्न रेल कोच फैैक्ट्री, रायबरेली में अन्त्योदय, हमसफर, दीनदयालु एवं एलएचबी कोच बनाये जा रहे है और फैक्ट्री ने गत वर्ष कोचों का उत्पादन दोगुना कर दिया जो अपने आप में एक रिकार्ड है।

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