अब ऑनलाइन पता लगेगा श्मशान घाट में जगह है या नहीं, करना होगा ये काम

कोरोना जैसी महामारी के चलते दिल्ली में लोगों को अस्पतालों के बाहर और ऑक्सीजन रीफ़िलिंग सेंटर्स के बाहर ही लाइन नहीं लगाना पड़ रहा है बल्कि परिजनों की दुखद मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिलने के चलते श्मशानघाट के बाहर भी लाइन में लगना पड़ रहा है।

नई दिल्ली। कोरोना जैसी महामारी के चलते दिल्ली में लोगों को अस्पतालों के बाहर और ऑक्सीजन रीफ़िलिंग सेंटर्स के बाहर ही लाइन नहीं लगाना पड़ रहा है बल्कि परिजनों की दुखद मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिलने के चलते श्मशानघाट के बाहर भी लाइन में लगना पड़ रहा है।
graveyard
इसी को ध्यान में रखते हुए नॉर्थ एमसीडी ने अपनी वेबसाइट पर एक सेक्शन श्मशान घाटों में उपलब्धता चेक करने के लिए रखा है। आज से शुरू हुई इस सर्विस में लोग वेबसाइट द्वारा ये जान सकेंगे कि किस श्मशानघाट में अंतिम संस्कार के लिए जगह है।

श्मशान घाटों की हो रही रियल टाइम मॉनिटरिंग

वेबसाइट पर श्मशान घाटों की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो रही है। लोगों की सहायता के लिए यहां लास्ट अपडेटेड टाइम के अलावा ये भी बताया जा रहा है कि श्मशान घाट में किस माध्यम से संस्कार के लिए जगह है। मसलन कई जगहों पर लकड़ी के अलावा सीएनजी और इलेक्ट्रिक माध्यम से अंतिम संस्कार होते हैं। लोगों को यह जानकारी दी जा रही है कि इन माध्यमों से अंतिम संस्कार के लिए घाट पर कितने स्लॉट बचे हैं।

अंतिम संस्कार की संख्या चार गुनी और पांच गुनी

नॉर्थ एमसीडी के मेयर जयप्रकाश ने बताया कि दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने के साथ-साथ श्मशान घाटों में भी अंतिम संस्कार की संख्या चार गुनी और पांच गुनी हो गई है। लोगों को अंतिम संस्कार के लिए भी लाइनों में लगना पड़ रहा था।
हालांकि अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि वेबसाइट द्वारा लोग किसी भी शमशान घाट की असल पोज़ीशन जान सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अलग-अलग श्मशान घाटों को अलग-अलग अस्पतालों से जोड़े जाने के बावजूद कई जगहों पर लोगों की भीड़ बहुत हो जाती है। मौजूदा समय में निगम के पास 12 ऐसे श्मशानघाट हैं, जहां लोगों का अंतिम संस्कार हो रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *