OMG: यहां पर पीरियड के पहले दिन ही लड़की की केले के पेड़ से करवा दी जाती है शादी, जानिए क्यों

नई दिल्ली: हर लड़की के लिए महीने में कुछ दिन ऐसे होते हैं जब उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पेट दर्द, कमर दर्द आदि कई तरह की समस्याएं होती हैं, लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां पीरियड्स के दौरान लड़कियों के साथ बुरा व्यवहार किया जाता है।

आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पहली बार किसी लड़की का पीरियड मनाया जाता है। जी हां, भारत के एक गांव में लड़कियों के साथ पहली बार माहवारी आने पर एक बेहद अजीब परंपरा निभाई जाती है।

असम के बोगई जिले के सोलमारी गांव में जब लड़की को माहवारी आती है तो लोग पहली बार नाचते-गाते हैं. यहां के लोग सालों से इस अजीब परंपरा का पालन कर रहे हैं। कहा जाता है कि पहली बार माहवारी आने पर लड़की की शादी केले के पेड़ से कर दी जाती है। इस अनोखी शादी को तोलिनी शादी कहा जाता है। यह विवाह तब किया जाता है जब लड़की किशोरावस्था में प्रवेश करती है।

माहवारी के पहले दिन लड़की की शादी होती है। उसके बाद परंपरा के अनुसार लड़की को एक ऐसे कमरे में बंद कर दिया जाता है जहां धूप नहीं पड़ सकती। यहां परंपरा के अनुसार शादी के बाद लड़की को पका हुआ खाना भी नहीं दिया जाता है. लड़की को सिर्फ दूध और फल खाने को दिया जाता है। इतना ही नहीं माहवारी के दौरान लड़की को जमीन पर ही सोना पड़ता है। इस दौरान वह किसी का चेहरा तक नहीं देख पाती हैं।