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कठिन परिश्रम करने वाले को हमेशा से सफलता मिलती है। बिहार के जहानाबाद जनपद के रहने वाले अजीत कुमार ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। किसान विनय कुमार के बेटे अजीत कुमार ने हाई स्कूल की परीक्षा में राज्य भर में चौथा रैंक हासिल किया है। बचपन से मेधावी अजीत कुमार ने गांव में ही रहकर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है।

अजीत कुमार बताते हैं कि उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा से पहले ऑनलाइन पढ़ाई का भी सहारा लिया। अजीत यूपीएससी की परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं। फिलहाल किस सब्जेक्ट से इंटर की पढ़ाई करनी है, यह उन्होंने तय नहीं किया है। अपने जैसे बच्चों को अजीत नसीहत देते हुए कहते हैं कि पढ़ाई यदि मन से की जाए तो सक्सेस जरूर हाथ लगती है।

आपको यहां बता दें कि अजीत जिस स्कूल में पढ़ाई करते थे वह उनके गांव लगभग चार किलोमीटर दूर है। अजीत के पिता विनय कुमार बताते हैं कि वो बचपन से ही दिल लगाकर पढ़ाई करता था।

विद्यालय के शिक्षक रमाकांत प्रसाद ने बताया कि स्कूल में विषयवार बेहतर पढ़ाई कराई जाती है। जिसका नतीजा ये है कि बच्चे अच्छा करते हैं। इससे पहले इसी स्कूल से शिल्पी कुमारी नामक छात्रा ने प्लस टू में जिला टॉप किया है। अजीत उन लाखों छात्रों के लिए मिसाल है जो सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हैं।

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