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Up kiran,Digital Desk : दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा नेतृत्व वाली रेखा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा केंद्र सरकार, उपराज्यपाल और कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर सभी मामलों को वापस ले लिया है। यह मामले कई अहम प्रशासनिक और नीतिगत विवादों से जुड़े थे, जिनकी वजह से दिल्ली सरकार और एलजी कार्यालय के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई थी।

इन मामलों में डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति, सेवा संबंधी अधिकार, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का क्रियान्वयन, दिल्ली जल बोर्ड को फंड, दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में वकीलों की नियुक्ति और यमुना प्रदूषण से संबंधित समिति गठन जैसे मुद्दे शामिल थे। सरकार के विधि विभाग ने चुनाव के बाद ही इन मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि अपनी ही केंद्र सरकार और एलजी के खिलाफ मुकदमे जारी रखना कानूनी और प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण था। साथ ही इससे सरकारी संसाधनों की बर्बादी और नीतिगत फैसलों में देरी भी हो रही थी। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद अब सभी मामले वापस ले लिए गए हैं। गौरतलब है कि आप सरकार के कार्यकाल में एलजी और दिल्ली सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार विवाद देखने को मिला था।