250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की मासूम, 10 घंटे के रेस्क्यू के बाद भी नहीं बची जान; अस्पताल में मृत घोषित

250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की मासूम, 10 घंटे के रेस्क्यू के बाद भी नहीं बची जान; अस्पताल में मृत घोषित

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सीही गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां खेलते समय 250 फुट गहरे बोरवेल में गिरी तीन साल की मासूम बच्ची नेहा जिंदगी की जंग हार गई। प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने रातभर करीब 10 घंटे तक युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया। बच्ची को सोमवार (28 सितंबर) तड़के करीब 3:50 बजे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसके शरीर में कोई हरकत नहीं बची थी। आनन-फानन में उसे नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

खेलते-खेलते ट्रैक्टर से फिसली मासूम, खुले गड्ढे ने छीनी जिंदगी

यह दर्दनाक हादसा रविवार शाम करीब 7 बजे उस वक्त हुआ जब सीही गांव में बच्चे एक जगह खेल रहे थे। पास में ही एक ट्रैक्टर खड़ा था, जिस पर खेलते-खेलते बच्चे चढ़ गए। इसी दौरान 3 वर्षीय नेहा का पैर फिसल गया और वह सीधे पास में ही खुले पड़े 250 फुट गहरे बोरवेल के संकरे पाइप में जा गिरी। बच्ची के गिरते ही वहां मौजूद अन्य बच्चों ने चीख-पुकार मचाई, जिसकी आवाज सुनकर ग्रामीण और परिजन बदहवास होकर दौड़ पड़े।

रातभर चला संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन, कैमरे में कैद हुई थी हलचल

घटना की गंभीरता को देखते हुए फरीदाबाद जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एनडीआरएफ (NDRF) के डिप्टी कमांडेंट कुणाल तिवारी के मुताबिक, हादसे की सूचना शाम 7:45 बजे कंट्रोल रूम को मिली, जिसके बाद एनडीआरएफ की टीम रात 9:05 बजे मौके पर पहुंच गई। बचाव अभियान में हरियाणा एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, यूपी सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें एक साथ जुटीं। अंधेरे से निपटने के लिए बोरवेल के इर्द-गिर्द हाई-पावर फ्लड लाइट्स लगाई गईं और बच्ची की स्थिति जांचने के लिए कैमरे नीचे उतारे गए। ऑपरेशन के शुरुआती घंटों में बच्ची के रोने की आवाजें भी सुनाई दी थीं, जिससे उम्मीद बंधी रही, लेकिन सुबह 3:50 बजे जब बच्ची को बाहर निकाला गया, तो वह अचेत अवस्था में थी।

नगर निगम की बड़ी लापरवाही, 15 साल से बंद बोरवेल का ढक्कन था गायब

मासूम के पिता रामदीन ने प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी रामदीन पिछले कई सालों से सीही गांव में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। रामदीन के अनुसार, यह बोरवेल फरीदाबाद नगर निगम की जमीन पर स्थित है और करीब 15 साल से बंद पड़ा था। लापरवाही की पराकाष्ठा यह रही कि घटना से महज कुछ दिन पहले ही इस खतरनाक गड्ढे का ढक्कन हटा दिया गया था, जिसे दोबारा ढकने की सुध किसी अधिकारी या कर्मचारी ने नहीं ली।

अंबाला में भी सामने आया था ऐसा ही दर्दनाक हादसा

हरियाणा में खुले बोरवेल मासूमों के लिए लगातार काल साबित हो रहे हैं। इससे पहले जुलाई महीने में भी अंबाला जिले से ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया सामने आया था, जहां 220 फुट गहरे बोरवेल में गिरे 4 वर्षीय निर्वैर सिंह को 21 घंटे चले संयुक्त अभियान के बाद सुबह करीब 3:40 बजे बाहर निकाला गया था, मगर अस्पताल ले जाते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बार-बार जारी प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद खुले छोड़े जा रहे ये बोरवेल बच्चों की जिंदगियों पर भारी पड़ रहे हैं।