सफाई कर्मचारियों के बवाल के बाद बरनाला SHO लखविंदर सिंह पर गिरी गाज, लाइन हाजिर; पंजाब में बड़े आंदोलन की चेतावनी

सफाई कर्मचारियों के बवाल के बाद बरनाला SHO लखविंदर सिंह पर गिरी गाज, लाइन हाजिर; पंजाब में बड़े आंदोलन की चेतावनी

पंजाब के बरनाला में हड़ताली सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मामला अब काफी तूल पकड़ता जा रहा है। डीएसपी सतवीर सिंह के निलंबन के ठीक एक दिन बाद शनिवार को प्रशासन ने बरनाला सिटी-1 पुलिस थाने के प्रभारी (एसएचओ) इंस्पेक्टर लखविंदर सिंह पर भी बड़ी कार्रवाई की है। जारी किए गए नए आदेश के तहत एसएचओ लखविंदर सिंह का तबादला करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से जिला पुलिस लाइन में भेज दिया गया है।

सोमवार से पूरे पंजाब में चक्का जाम की चेतावनी, सफाई कर्मियों की उग्र मांगें

प्रशासन द्वारा की जा रही यह कार्रवाई सफाई कर्मचारियों के लगातार बढ़ते आक्रोश और उनके राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी के बीच हुई है। सफाई कर्मचारी यूनियनों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो सोमवार से पूरे पंजाब में व्यापक आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। प्रदर्शनकारी कर्मचारी केवल निलंबन से संतुष्ट नहीं हैं; वे आरोपी डीएसपी और एसएचओ को सेवा से बर्खास्त करने, लाठीचार्ज में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने तथा मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण (SC/ST Act) की सख्त धाराएं जोड़ने पर अड़े हुए हैं।

राजनीतिक रंग में रंगा विवाद, राजा वड़िंग और चन्नी समेत कांग्रेस दिग्गज बरनाला पहुंचे

सफाई कर्मचारियों के इस प्रदर्शन ने अब पूरी तरह से राजनीतिक मोड़ ले लिया है और विपक्षी दल खुलकर कर्मचारियों के समर्थन में आ गए हैं। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक राणा गुरजीत सिंह, परगट सिंह व कुलदीप सिंह काला ढिल्लों शनिवार को खुद बरनाला पहुंचकर आंदोलनरत सफाई कर्मचारियों से मुलाकात कर रहे हैं। इसके साथ ही राज्यभर के यूनियन नेता बरनाला में जुटकर आगे की रणनीति तय करने में लगे हैं।

कचरा उठाने को लेकर भड़की थी हिंसा, 18 कर्मचारी और 4 पुलिसकर्मी हुए थे घायल

विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई थी जब जिला प्रशासन ने पुलिस बल की मदद से हड़ताल के दौरान सड़कों पर जमा कचरा उठवाना शुरू किया। एसडी कॉलेज के समीप सफाई कर्मियों ने इसका कड़ा विरोध किया, जहां पुलिस द्वारा पहली बार बल प्रयोग करने का आरोप लगा। इसके बाद हंडियाया बाजार में प्रदर्शनकारी फिर एकत्र हुए और पुलिस पर कचरा फेंका गया, जिसके जवाब में पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज किया। इस हिंसक झड़प में 18 सफाई कर्मचारी और 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। अपनी सेवाएं नियमित करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का गंभीर आरोप है कि पुलिस अब तक उनके बयान दर्ज नहीं कर रही है।

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