AI सब कर सकता है, लेकिन ये काम नहीं, आर्किटेक्चर पर सांसद संधू की दो टूक
चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को धरातल पर उतारने में देश के आर्किटेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। इनोवेटिव, सस्टेनेबल और आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं के अनुकूल आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने में वास्तुकला क्षेत्र का योगदान अत्यंत निर्णायक साबित होगा।
यह विचार राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा आयोजित ‘आर्किटेक्चर एक्सीलेंस रिकग्निशन’ के 5वें संस्करण के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेशेवर प्रतिभाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समग्र राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत की परिकल्पना पूरी नहीं हो सकती।
आधुनिक निर्माण में मानवीय संवेदनाएं जरूरी, सिर्फ AI पर्याप्त नहीं
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद संधू ने वास्तुकला में तकनीकी दखल पर गहरी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इमारतों के तकनीकी डिजाइन और संरचनात्मक खाके तैयार करने में मदद तो कर सकता है, लेकिन एक संपूर्ण घर केवल ईंट, गारे और पत्थरों का निर्जीव ढांचा नहीं होता। एक आवास के भीतर मानवीय भावनाएं, संवेदनाएं और व्यक्तिगत आकांक्षाएं रची-बसी होती हैं, जिन्हें केवल एक संवेदनशील आर्किटेक्ट ही समझ सकता है। उन्होंने युवा आर्किटेक्ट्स से भविष्य के तेजी से बढ़ते शहरीकरण की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण-अनुकूल और नए विचारों के साथ आगे आने का आह्वान किया।
पीएचडी चैंबर ने नवाचार को दिया मंच
कार्यक्रम में पीएचडीसीसीआई चंडीगढ़ चैप्टर के चेयर रजनीश बंसल ने कहा कि यह 5वां संस्करण उद्योग के उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने और नए प्रोफेशनल्स को प्रेरित करने की उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। वहीं संस्था के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल नवीन सेठ ने दोहराया कि चैंबर रचनात्मक विचारों को सशक्त मंच देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर, इंडिया के पूर्व अध्यक्ष आर्किटेक्ट हबीब खान की अध्यक्षता वाली जूरी ने उत्कृष्ट कार्यों का चयन किया। जूरी पैनल में सुरिंदर बग्गा, मनमोहन खन्ना, रितु सिंह, नीलाक्षी शर्मा, लोगनाथन और विवेक गुप्ता जैसे दिग्गज विशेषज्ञ शामिल रहे।
इन दिग्गजों को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान
समारोह के दौरान वास्तुकला के विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ प्रोफेशनल्स को विशेष सम्मान से नवाजा गया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. प्रभजोत कौर को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट एजुकेटर’ पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं आर्किटेक्ट जयेश हरियानी को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट प्रैक्टिसिंग आर्किटेक्ट’ का गौरव हासिल हुआ। पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों के अनुरूप निर्माण के लिए आर्किटेक्ट एनके नेगी को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट हिल आर्किटेक्चर’ और सरकारी सेवाओं में अभूतपूर्व योगदान के लिए आर्किटेक्ट सपना कुमार को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट वुमन आर्किटेक्ट, गवर्नमेंट सर्विस’ सम्मान से अलंकृत किया गया। इसके अतिरिक्त आर्किटेक्ट विजय उप्पल को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट पब्लिक सर्विस’ पुरस्कार से नवाजा गया।