पंजाब में सरकार बनाम किसान: स्पीकर और इन 7 मंत्रियों के आवास घेरने की तैयारी

पंजाब में सरकार बनाम किसान: स्पीकर और इन 7 मंत्रियों के आवास घेरने की तैयारी

पंजाब की सियासत में किसान संगठनों और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के बीच आर-पार की जंग एक बार फिर तेज हो गई है। किसान मजदूर मोर्चा ने सोमवार से राज्य भर में पांच दिवसीय व्यापक आंदोलन का शंखनाद कर दिया है।

इस विरोध प्रदर्शन के तहत पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा समेत सात मंत्रियों के आवासों का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा। इससे पूर्व भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) द्वारा शनिवार से ही मंत्रियों के घरों के बाहर मोर्चा खोले जाने के बाद अब किसान मजदूर मोर्चा के इस कदम से भगवंत मान सरकार पर चौतरफा राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।

16 सितंबर को और कड़े फैसले की चेतावनी, सरवन सिंह पंधेर का अल्टीमेटम

किसान मजदूर मोर्चा के प्रमुख नेता सरवन सिंह पंधेर ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सरकार ने किसानों की वाजिब मांगों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उच्चस्तरीय बातचीत का रास्ता नहीं खोला, तो 16 सितंबर को होने वाली अहम बैठक में आंदोलन को और अधिक आक्रामक व व्यापक रूप देने पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। किसानों के इस सख्त तेवर से साफ है कि आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज रहने वाली है।

धान के सीजन में बिजली-खाद का संकट बना आंदोलन की मुख्य वजह

मौजूदा गतिरोध की तात्कालिक वजह खरीफ सीजन में धान की फसल के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति की कमी और रासायनिक खादों की अनुपलब्धता से जुड़ी परेशानियां हैं। इसके साथ ही किसान मजदूर मोर्चा केवल तात्कालिक समस्याओं तक सीमित न रहकर कृषि क्षेत्र से जुड़े कई बुनियादी नीतिगत मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार की लचर व्यवस्था के चलते खेतों में सिंचाई और पोषक तत्वों की किल्लत पैदा हो रही है, जिससे किसानों का आर्थिक संकट गहरा गया है।

कर्ज माफी, बासमती-मक्का पर MSP और वाघा बॉर्डर खोलने की मांग

मोर्चे ने सरकार के समक्ष मांगों का एक लंबा मांग पत्र रखा है। इसमें बासमती, मक्का, मूंग, सरसों और आलू जैसी वैकल्पिक फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित सरकारी खरीद की कानूनी गारंटी की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त किसानों और खेत मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफी, कृषि संकट के चलते जान गंवाने वाले अन्नदाताओं के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की शर्त शामिल है। किसान नेताओं ने राज्य में पर्यावरण संतुलन के लिए बाढ़ नियंत्रण, गिरते भूजल स्तर और प्रदूषण पर दीर्घकालिक नीति बनाने की भी अपील की है।

लैंड पूलिंग और भारतमाला परियोजना के विरोध में इन दिग्गजों के घर होगा धरना

किसानों ने राज्य सरकार की विवादास्पद लैंड पूलिंग नीति को तुरंत वापस लेने, भारतमाला परियोजना के लिए कथित तौर पर किसानों की सहमति के बिना जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान के साथ अटारी-वाघा सीमा व्यापार मार्ग को फिर से बहाल करने की मांग उठाई है। इस पांच दिवसीय विरोध प्रदर्शन के तहत रणनीतिक रूप से चुने गए मंत्रियों के आवासों पर पहरा दिया जाएगा:

  • सुनाम: कैबिनेट मंत्री एवं आप प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा के आवास पर।

  • फरीदकोट: पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां के निवास स्थान पर।

  • जंडियाला गुरु: कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के घर के बाहर।

  • भोआ: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक के आवास पर।

  • होशियारपुर: कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह के निवास पर।

  • श्री मुक्तसर साहिब: कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के आवास पर।

  • जालंधर: कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के आवास के बाहर।

  • लुधियाना: कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के निवास पर।