अफ़्रीका के जंगलों में छिपा था पंजाब का मोस्ट वांटेड, जानिए कैसे हुआ 'ऑपरेशन शाहिद' का खौफनाक अंत!

अफ़्रीका के जंगलों में छिपा था पंजाब का मोस्ट वांटेड, जानिए कैसे हुआ 'ऑपरेशन शाहिद' का खौफनाक अंत!

विदेशों की सुरक्षित पनाहगाहों में बैठकर पंजाब में रंगदारी, टारगेट किलिंग और आतंक का नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ पंजाब पुलिस ने अब तक का सबसे निर्णायक एक्शन लिया है। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने अफ्रीकी देश इथियोपिया से मोस्ट वांटेड गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को सफलतापूर्वक डिपोर्ट करा लिया है। पंजाब सरकार द्वारा घोषित 5 लाख रुपये के इस इनामी बदमाश को लेकर पुलिस टीम रविवार, 8 नवंबर 2026 की सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर उतरी। पंजाब पुलिस के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी अफ्रीकी देश से किसी भगोड़े गैंगस्टर को पकड़कर सीधे भारत की सरजमीं पर लाया गया हो।

डीजीपी और एजीटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे गोपनीय मिशन को 'ऑपरेशन शाहिद' कोडनेम दिया गया था। AGTF के एसपी बिक्रम बराड़ की अगुवाई में विशेष टीम ने एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के विभिन्न देशों में फैले नेटवर्क को खंगालते हुए सटीक खुफिया इनपुट जुटाए। हाल ही में गठित 'ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल' ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन बैठाकर इथियोपिया में अफरीदी की लोकेशन ट्रेस की और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत उसका डिपोर्टेशन सुनिश्चित कराया।

गुरविंदर अफरीदी कुख्यात 'डोनी बल - प्रभ दासूवाल' सिंडिकेट की रीढ़ माना जाता है, जो सात समंदर पार से पंजाब में फिरौती, जबरन वसूली, गोलीबारी और टारगेट किलिंग की वारदातों को ऑपरेट कर रहा था। तरनतारन जिले के गांव टुट का रहने वाला अफरीदी पंजाब पुलिस की टॉप मोस्ट वांटेड लिस्ट में दर्ज था और उस पर 35 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

चर्च में हुई हिंसा का था सरगना

जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, 31 अगस्त 2022 को तरनतारन के थक्करपुरा गांव स्थित एक चर्च में हुई हिंसा का वह मुख्य मास्टरमाइंड था। उस घटना में चार नकाबपोशों ने गार्ड को बंधक बनाकर मूर्तियों की तोड़फोड़ की थी और पादरी की कार फूंक दी थी। जून 2024 में अमृतसर देहात पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी जसविंदर सिंह मुंशी ने पूछताछ में साफ किया था कि इस पूरी साजिश की डोर अफरीदी के हाथ में थी। वहीं तरनतारन के सदर पट्टी थाने में दर्ज चोरी, घुसपैठ और आर्म्स एक्ट का एक पुराना मामला फरवरी 2024 में आपसी समझौते के बाद हाईकोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया था।

अफ्रीका के कोने से अफरीदी की यह वापसी विदेश में छिपे अन्य भगोड़े अपराधियों के लिए साफ चेतावनी है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाएं अब पंजाब पुलिस के लंबे हाथों को नहीं रोक सकतीं।