पंजाब के संगरूर में काल बनकर आई तेज रफ्तार कार

पंजाब के संगरूर में काल बनकर आई तेज रफ्तार कार

पंजाब के संगरूर जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और मर्माहत कर देने वाली बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। संगरूर जिले के लेहरागागा-जाखल मार्ग पर स्थित अलीशेर गांव के पास उस वक्त कोहराम मच गया जब सड़क किनारे आराम कर रहे और पानी पी रहे मनरेगा मजदूरों के ऊपर एक बेलगाम और तेज रफ्तार कार काल बनकर टूट पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भयानक थी कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते खून से सनकर कई जिंदगियां सड़क पर बिखर गईं। इस भीषण सड़क हादसे में मौके पर ही कई लोगों की जान चली गई, जबकि इलाज के दौरान मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 9 तक पहुंच गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय नागरिकों में लापरवाह ड्राइविंग और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।

कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा? जानिए क्या है चश्मदीदों और पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट

पुलिस और स्थानीय प्रशासन से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब मनरेगा (MGNREGA) योजना के तहत काम करने वाले ग्रामीण मजदूर सड़क के किनारे अपने काम के दौरान थोड़ी देर का विश्राम कर रहे थे और पानी पी रहे थे। उसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार (शेवरले मैग्नम) अचानक अपने रास्ते से भटक कर सीधे सड़क किनारे बैठे मजदूरों के झुंड में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई मजदूर हवा में उछलकर दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े और पुलिस को इसकी सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से खून से लथपथ घायलों और मृतकों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने कई को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायलों का इलाज युद्धस्तर पर जारी है।

कई परिवारों के बुझ गए चिराग, मृतकों में ज्यादातर गरीब और मेहनतकश ग्रामीण

इस वीभत्स सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग बेहद गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते थे जो अपने पसीने की कमाई से अपने परिवार का पेट पालने के लिए मनरेगा के तहत कड़ी धूप में मेहनत कर रहे थे। मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, जो अपने घरों की आजीविका चलाने के लिए रोजाना मजदूरी करने जाती थीं। हादसे की खबर जैसे ही उनके गांवों तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा अस्पताल परिसर गमगीन हो गया। राजनीतिक दलों के नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस दुखद हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। एक झटके में कई हंसते-खेलते परिवारों के उजड़ जाने से पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है।

लापरवाह ड्राइवर और तेज रफ्तार गाड़ियों पर कब लगेगा लगाम?

इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर देश की सड़कों पर बेलगाम दौड़ती गाड़ियों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का मुद्दा सबसे बड़े सवाल के रूप में खड़ा हो गया है। चश्मदीदों के मुताबिक कार की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक उस पर अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा था। घटना के बाद आरोपी ड्राइवर और वाहन को लेकर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह और तेज रफ्तार चालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की मासूमों की जान लेने वाली घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के मुताबिक कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।